newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu & Kashmir, Trending news | News Mantra
News Mantra: Exclusive

सुशांत केस में सबकी  राजनीती ,सब फायदा देख रहे हैं.

सुशांत केस में सबकी  राजनीती ,सब फायदा देख रहे हैं.

संदीप सोनवलकर

एक्टर सुशांत राजपूत की कथित आत्महत्या के मामले में एक नहीं कई राजनीतिक धारायें बह रही है . ये राजनीति किसी एक दल तक सीमित नहीं है बल्कि सबने उसका फायदा उठाया है. अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई जांच का आदेश दे दिया तो राजनीती और गहरा गयी है.

दलगत राजनीती..

सुशांत केस में पहला एंगल दलगत राजनीती का है. सत्ता से बेदखल हो चुकी बीजेपी महाराष्ट्र में किसी तरह से सरकार को घेरना चाहती है. इसलिए पार्टी और उसके प्रवक्ता लगातार मीडिया के जरिये उसे उठा रहे हैं. बीजेपी को लगता है कि इस बहाने एक तरफ वो ठाकरे परिवार को निशाना बना सकती है वहीं दूसरी तरफ तीन दलों की सरकार में दरार लाने की कोशिश भी बीजेपी की है क्योंकि मुख्यमंत्री के बेटे का नाम आ रहा है वहीं एनसीपी का गृहमंत्री है. बस उसमें बीजेपी चूक गयी कि शरद पवार किसी तरह नहीं डर रहे वो तो अपने पोते के साथ भी नहीं गये .

आदित्य बनाम पार्थ .

इस खेल में शरद  पवार के भतीजे पार्थ पवार भी कूद गये क्योंकि उनकी आदित्य पवार से पुरानी दुश्मनी है . पार्थ ने 2019 का चुनाव लडा था तो आदित्य ने पुरानी दोस्ती नहीं निभाई और पार्थ को शिवसेना उम्मीदवार ने हरा दिया . आदित्य और पार्थ दोनों दोस्त थे दोनों साथ पार्टी करते थे . चुनाव में आदित्य के करीबी लोगों ने पार्थ की पार्टी करते हुए फोटो जारी कर दी थी जिसके जवाब में पार्थ ने भी आदित्य की फोटो जारी कर दी जिससे दूरियां और बढ गयी .

बिहार बनाम महाराष्ट्र

महाराषट्र चुनाव में बिहारियो का मुददा उठता रहा है ये पहला मौका जब बिहार चुनाव में महाराष्ट्र सरकार का मुददा भी उठ रहा है . असल में वो इसलिए क्योंकि शिवसेना इस बार सरकार की मुखिया है. बीजेपी और जेडीयू को लगता है इसी बहाने राजपूत वोट बैंक एकजुट हो सकता है . शिवसेना  और एनसीपी ने तो खुलकर आरोप भी लगाया है.

बालीवुड की राजनीती .

इस मामले में बालीवुड के गुट भी आपस में राजनीती कर एक दूसरे पर कीचड उछाल रहे हैं .कंगना रानाउत सबसे आगे और है इसी बहाने कंगना ने कई बडे फिल्मकारो से अपना हिसाब चुकता कर लिया है .बहस नेपोटिज्म से लेकर आगे तक गयी . .

सबकी अपनी राजनीती और सबसे अपने चूल्हे हैं जाहिर है कौन नहीं चाहेगा कि उसकी रोटी पक जाये और उसको फायदा हो जाये. बात तो तब है जब सचमुच सीबीआई जांच से कुछ निकले .

 

Related posts

AI to Track Monsoon at Block Level as IMD Launches New Forecast System

Md Danish Rahman

India is a fast-emerging Centre for cybersecurity jobs in the world with about 40,000 vacancies

News Mantra

Panel Discussion at Communication Conclave 2024 Explores Gandhian Communication and Artificial Intelligence

Newsmantra

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More