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देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम काफी मजबूत : राजेश कुमार सिंह

देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम काफी मजबूत : राजेश कुमार सिंह

पटना। उद्योग विभाग के बिहार स्टार्टअप की ओर से ज्ञान भवन में आयोजित अखिल भारतीय बिहार इनोवेशन चैलेंज-2023 का उद्घाटन भारत सरकार के उद्योग संवर्धन तथा आंतरिक व्यापार विभाग के सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। उद्घाटन समारोह में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. राणा सिंह, विकास प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. देवी प्रसाद मिश्रा आदि भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उद्योग संवर्धन तथा आंतरिक व्यापार विभाग के सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ इकोसिस्टम में से एक है। भारत विश्व में स्टार्टअप की दृष्टि से तीसरा सबसे बड़ा देश है। स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी हो चुका है। देश के 750 जिलों में से 630 से अधिक जिलों में स्टार्टअप खुल चुके हैं। बिहार राज्य के 38 जिलों में से 37 जिलों में पंजीकृत स्टार्टअप हैं।

उन्होंने कहा कि हमें वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में ला खड़ा करना है। इसके लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को आठ प्रतिशत के आसपास रखना होगा। देश के तीव्र गति से आर्थिक विकास में स्टार्टअप की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अभी देश में 100 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं। अगले कुछ वर्षों में 1000 तक यूनिकॉर्न स्टार्टअप देश में होने चाहिए। देश का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर काफी मजबूत है। पीएम गति शक्ति, जनधन योजना, आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं से देश की इकोनॉमी को मजबूती मिली है। इससे स्टार्टअप को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्षों में देश को एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनने के लिए विकास दर का सात प्रतिशत से अधिक रखना आवश्यक है। नए उद्यमी मेहनत करें। स्टार्टअप के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। अंतरिक्ष और रक्षा अनुसंधान क्षेत्र में भी स्टार्टअप कंपनियां प्रोटोटाइप डेवलपमेंट से लेकर मार्केटिंग तक का काम काफी बेहतर तरीके से कर रही है। सरकार स्टार्टअप कंपनियों को सीड फंड से लेकर मैचिंग ग्रांट और पेटेंट रजिस्ट्रेशन में सहायता सहित अनेक सुविधाएं दे रही है। राज्य सरकारों के पास भी स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अपना-अपना फंड है। सिडबी ने भी स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए फंड बनाया है। इनोवेशन तथा रिस्क मैनेजमेंट के बीच तालमेल करते हुए सफलता प्राप्त करें। कार्यक्रम के प्रारंभ में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने भारत सरकार के उद्योग संवर्धन तथा आंतरिक व्यापार विभाग के सचिव राजेश कुमार सिंह का स्वागत किया। उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने विस्तार से बिहार स्टार्टअप नीति की मुख्य बातों से सभी उपस्थित लोगों को अवगत कराया। कार्यक्रम में यूएस काउंसलेट जनरल मेलिंडा पावेक ऑनलाइन जुड़ी और उन्होंने स्टार्टअप इकाइयों को प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में फाउंडेशन ऑफ ए रॉबस्ट स्टार्टअप इकोसिस्टम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्टार्टअप चैलेंज राउंड में स्टार्टअप की 75 इकाइयों द्वारा अपनी परियोजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। इसके अलावा प्रोब्लम सॉल्यूशन मैपिंग और स्टार्टअप वेंचर्स तथा मोबिलाइजिंग डोमेस्टिक कैपिटल फॉर स्टार्टअप विषय पर कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में स्टार्टअप चौपाल के फाउंडर और सीईओ सुमित श्रीवास्तव, कूनो मिल टेक्नोलॉजी की कोफाउंडर सोनाली झा, पेटीएम के एजीएम अतीत कुमार, तेलंगाना ए मिशन के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण मौकापत्ती, स्टार्टअप इंडिया की शिवांगी जैन, वाधवानी फाउंडेशन के संजय शाह आदि ने भी हिस्सा लिया।

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