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जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए बंध्याकरण और नसबंदी का लक्ष्य तय, जागरूकता के लिए डीएम ने रथों को किया रवाना

जनसंख्या स्थिरीकरण

पटना। एक ओर कई देशों में जनसंख्या बढ़ाने के लिए कई उपाय किये जा रहे हैं, लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है तो भारत में जनसंख्या स्थिरीकरण पखवारा मनाया जा रहा है। इस दौरान सरकारी अस्पतालों के लिए बंध्याकरण और नसबंदी के लक्ष्य भी तय किये जा रहे हैं ताकि जनसंख्या और ना बढ़े। हाल ही में चीन को पछाड़़ कर भारत सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन गया है। यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) की द स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट-2023 के अनुसार भारत 29 लाख की आबादी के अंतर से चीन को पछाड़ कर दुनिया में सर्वाधिक आबादी वाला देश बन चुका है। भारत की जनसंख्या 1,42.86 करोड़ (1.428 अरब ) तक पहुंच गई है।
इसी को देखते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण पखवारा की शुरूआत बिहार में भी की गई है। राजधानी पटना में लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूक करने के लिए प्रचार रथों को सोमवार को रवाना किया गया। जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने 46 रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ पूरे जिले में घूम-घूमकर लोगों को जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर परिवार नियोजन मेला भी लगाया जाएगा। डीएम ने जनसंख्या स्थिरीकरण के सपने को साकार करने का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण हमारे बेहतर विकास दर एवं मानव विकास सूचकांक के लिए आवश्यक है। जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूकता के लिए जागरूकता रथों (सारथी रथों) को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के दौरान सिविल सर्जन श्रवण कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी लोकेश कुमार झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विवेक कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम ने कहा कि 11 जुलाई को पटना जिला में विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन होगा । 27 जून से दंपती संपर्क पखवारा मनाया जा रहा है जिसका आज अंतिम दिन है। 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जिलेभर में जनसंख्या स्थिरता पखवारा का आयोजन होगा। इसमें जनसंख्या नियत्रंण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रत्येक माह की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस का आयोजन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर होता है। इस महीने भी 21 जुलाई को इसका आयोजन सभी स्वास्थ्य संस्थानों में होगा।
डीएम ने कहा कि इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य परिवार नियोजन के प्रति आम लोगों में जागरूक करना है। आज से पूरे जिले में 46 जागरूकता रथ घूम-घूमकर लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रेरित करेंगे। 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस पर सभी प्रखंडों के साथ-साथ जिलास्तर पर भी परिवार कल्याण मेला (हेल्थ मेला) का आयोजन होगा। डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि इच्छुक व्यक्तियों को परिवार नियोजन की सेवा अवश्य उपलब्ध कराएं। जनसंख्या स्थिरता पखवारा के दौरान प्रति ब्लॉक प्रत्येक प्रखंड में 75 महिलाओं के बंध्याकरण तथा पांच पुरुषों के नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल तथा शहरी पीएचसी व रेफरल अस्पतालों में महिला बंध्याकरण का लक्ष्य 125 तथा पुरुष नसबंदी का लक्ष्य 25 रखा गया है। इस प्रकार महिला बंध्याकरण का कुल लक्ष्य 1850 तथा पुरूष नसबंदी का कुल लक्ष्य 140 तय किया गया है। पखवारा के दौरान जिले में बंध्याकरण तथा नसबंदी का कुल लक्ष्य 1990 है। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने पखवारा के दौरान परिवार नियोजन सेवाओं के तहत प्रदान की जाने वाली सेवा यथा कॉपर-टी, गर्भनिरोधक सूई (एमपीए), बंध्याकरण एवं नसबंदी की सेवा प्रदान करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए सही उम्र में शादी, पहले बच्चे में देरी, दो बच्चों के बीच सही अंतर तथा छोटा परिवार के लाभ से लोगों को अवगत कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण हमारे बेहतर विकास दर एवं मानव विकास सूचकांक के लिए आवश्यक है।

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