newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu & Kashmir, Trending news | News Mantra
Political

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार के राहत कोष में दिए पांच करोड़, प्रियंका बोलीं-त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार के राहत कोष में दिए पांच करोड़, प्रियंका बोलीं-त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र

पटना/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर हिमाचल प्रदेश में मानसून अवधि के दौरान भारी बारिश से हुए जानमाल की क्षति पर दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मैं इससे काफी व्यथित हूं। मुख्यमंत्री ने सभी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के योग्य और कुशल नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश इस विपदा से बाहर निकल जाएगा।

वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कुल्लू में भारी बारिश के कारण आपदाग्रस्त स्थानों का दौरा किया। मनाली में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने आपदा का मजबूती से सामना किया है। राज्य सरकार भी पीड़ितों की मदद में दिन-रात जुटी है। लेकिन, केंद्र की मदद के बगैर हिमाचल को फिर से पटरी पर लाना मुश्किल है। इसलिए केंद्र को इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए और हिमाचल प्रदेश की भरपूर मदद करनी चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में भी वह रात्रि भोज के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और उनसे राज्य में बारिश से हुए नुकसान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।

Related posts

India reports 60,753 New Cases in the last 24 hours

Newsmantra

जर्नलिस्ट एसोसिएशन गुरुग्राम की महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए अहम निर्णय

Newsmantra

सुशांत लोक में लगे 6 बिजली ट्रांसफार्मर, जल्द ही 11 और लगेंगे: सुधीर सिंगला

Newsmantra

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More