नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन कंपनी एनटीपीसी वर्ष 2047 तक 30 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत आठ राज्यों में 30 संभावित स्थलों का अध्ययन कर रही है। एनटीपीसी लिमिटेड एवं एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के निदेशक (वित्त) जयकुमार श्रीनिवासन ने बताया कि कंपनी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र सरकारों के साथ बातचीत शुरू की है। कई राज्यों ने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए प्रारंभिक अध्ययन की अनुमति भी प्रदान कर दी है।
उन्होंने कहा कि एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीयूएनएल) के माध्यम से देशभर में संभावित स्थलों की पहचान की जा रही है। चयन प्रक्रिया में जल उपलब्धता, भूमि की उपयुक्तता तथा अन्य तकनीकी एवं पर्यावरणीय पहलुओं का आकलन किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर जल उपलब्धता की पुष्टि हो चुकी है और कंपनी व्यवहार्यता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जमीनी स्तर पर काम कर रही है।
राजस्थान में प्रस्तावित माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए श्रीनिवासन ने बताया कि 700-700 मेगावाट की चार इकाइयों वाली 2.8 गीगावाट क्षमता की इस परियोजना के पहले दो यूनिटों के लिए परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) से खुदाई की अनुमति मिल चुकी है। परियोजना की खुदाई का ठेका सितंबर 2025 में दिया जा चुका है, जबकि पर्यावरणीय एवं अन्य आवश्यक मंजूरियां भी प्राप्त हो चुकी हैं। परियोजना की पहली कंक्रीट ढलाई अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है तथा पहली इकाई को नवंबर 2032 तक ग्रिड से जोड़ने की योजना है।
