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वंदे मातरम् के गायन हेतु मानकीकृत प्रोटोकॉल जारी

वंदे मातरम् के गायन हेतु मानकीकृत प्रोटोकॉल जारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने देशभर में सरकारी एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के गायन और वादन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने “भारत के राष्ट्रीय गीत से संबंधित आदेश” को सख्ती से अनुपालन हेतु प्रसारित करते हुए यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय गीत- जिसकी रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी – कब और किस प्रकार प्रस्तुत किया जाएगा तथा इसके दौरान शिष्टाचार के कौन-से नियम अपनाए जाएंगे। आधिकारिक संस्करण में सभी छह अंतरे शामिल हैं और इसकी अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड है। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के औपचारिक और गरिमापूर्ण प्रस्तुतीकरण में एकरूपता सुनिश्चित करना है।

दिशा-निर्देशों के अनुसार वंदे मातरम् का आधिकारिक संस्करण नागरिक अलंकरण समारोहों में; औपचारिक राज्य समारोहों तथा अन्य सरकारी आयोजनों में राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान पर; राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम आकाशवाणी और दूरदर्शन प्रसारण से ठीक पहले और बाद में; राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में औपचारिक राज्य समारोहों के दौरान राज्यपाल या उपराज्यपाल के आगमन और प्रस्थान पर; तथा जब राष्ट्रीय ध्वज परेड में लाया जाए, तब बजाया जाएगा। भारत सरकार द्वारा निर्देशित अन्य अवसरों पर भी इसे प्रस्तुत किया जा सकता है। यदि बैंड द्वारा प्रस्तुत किया जाए तो गायन से पूर्व सात कदम की धीमी चाल में ड्रम रोल दिया जाएगा, जब तक कि किसी अन्य स्पष्ट संकेत द्वारा आरंभ की सूचना न दी जाए। सांस्कृतिक या औपचारिक आयोजनों (परेड को छोड़कर) में ध्वजारोहण के समय तथा गैर-औपचारिक राज्य समारोहों में राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान पर सामूहिक गायन का भी प्रावधान किया गया है।

मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि जब भी राष्ट्रीय गीत का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाए, सभी उपस्थित लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। हालांकि, यदि यह किसी समाचार फिल्म या वृत्तचित्र का हिस्सा हो, तो व्यवधान से बचने के लिए खड़ा होना आवश्यक नहीं होगा। यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो पहले वंदे मातरम् और उसके बाद राष्ट्रगान का वादन/गायन किया जाएगा। विद्यालयों को सलाह दी गई है कि वे प्रतिदिन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन से करें और विद्यार्थियों में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना विकसित करें।

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