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बिहार में बैकफुट पर मोदी नीतिश

बिहार में बैकफुट पर मोदी नीतिश
बिहार में चुनाव प्रचार के पहले ही दिन पीएम नरेद्र मोदी ने कह दिया कि यूपीए के दस साल के दौरान नीतिश के काम नहीं करने दिया गया लेकिन ये वो भूल गये कि यूपीए के दौरान नीतिश ने आरजेडी की सरकार बनायी थी और लालू यादव ने नीतिश को समर्थन दिया था और फिर नीतिश ने खुद कभी ऐसी बात नहीं की .तो फिर पीएम बिहार में काम नहीं होने का ठीकरा कांग्रेस के सिर पर क्यों मढ रहे है .साफ नजर आ रहा है कि बिहार में नीतिश कुमार को लेकर पीएम मोदी बैकफुट पर है .
ये बात बीजेपी नीतिश के मेनिफेस्टो में भी नजर आ रही है जिस तरह से तेजस्वी के दस लाख नौकरी के जवाब में 19 लाख नौकरी का वादा किया गया उससे साफ लग रहा है कि बीजेपी को भी इस बात का अहसास हो गया है कि इस बार चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुददा बन गया है और इस पर सरकार चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही है . इसी तरह कोरोना के मुददे पर पीएम मोदी और नीतिश दोनों सफाई दे रहे है कि पलायन करने वाले मजदूरों को बचाने के लिए क्या किया गया .लेकिन पलायन की तस्वीर बहुत पुरानी नही हुयी है. इसी हडबडी में अचानक मेनिफेस्टों में ये कहना पडा कि कोरोना की वैकसीन अगर आयी तो सबसे पहले बिहार को मिलेगी और वो भी मुफ्त .असल में इस बात को लेकर बीजेपी और नीतिश जमकर ट्रोल हो रहे है. राहुल गांधी ने तो यहां तक कह दिया है कि क्या कोरोना वैक्सीन तभी मिलेगी जब राज्य में चुनाव होगा .
असल में इस बात का जवाब तो इसका ऐलान करने वाली वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन के पास भी नहीं है कि आखिर ऐसा कैसे होगा कि वैक्सीन जब आयेगी तो केवल बिहार के लोगों को ही पहले क्यों मिलेगी और क्या बाकी देश के लोगों को इंतजार करना होगा और पैसा देना होगा .जाहिर है कोरोना पर नीतिश और केन्द्र सरकार की विफलता छिपाते हुए सेलफ् गोल कर दिया .
एक बड़ा सवाल बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और पैकेज को लेकर भी हो बार बार हो रहा है और ना तो मोदी और न ही नितिश इस बारे में कुछ कह रहे है .पिछले लोकसभा चुनाव में नितीश विशेष राज्य के दर्जे और पैकेज पर ही सवार होकर ही एनडीए के साथ जुडे थे लेकिन वो सब कहां गया उसका जवाब देना मुशिकल है .
बीजेपी ने साझा सरकार और गठबंधन होते हुये भी इस चुनाव को नीतिश बनाम अन्य कर दिया है और खुद किनारे पर है ताकि अगर चुनाव हारे तो उसका दोष केन्द्र के बजाय नीतिश पर पूरी तरह डाल दें और ये हताशा अब साफ दिखने लगी है. पहले चरण के चुनाव के पहले ही इस तरह की भाषा से साफ है कि बीजेपी को समझ में आने लगा है कि नीतिश की जमीन खिसक रही है .

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