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Gurgaon

गरीबों के सुख-दुःख के साथी हैं भाई राकेश दौलताबाद

एक अवधी कहावत है कि “ जाके पांव न फटी बिवाई वो का जाने पीर पराई ”, इसका अर्थ है कि जो जिस हालात से गुजरा होता है वो उसका दर्द भली भाँति समझता है। ये कहावत परिवर्तन संघ के अध्यक्ष राकेश दौलताबाद के सामाजिक कार्यों पर एक दम झलकती है। कभी परिवार जब अभाव में था तो कम उम्र में ही राकेश दौलताबाद ने पिता के काम में हाथ बटाँना शुरु किया था और आज जब किसी को भी अभाव में जीवन जीते देखते है तो उसे एकदम अपना दर्द समझ कर यथा सम्भव पूरी मदद करना राकेश दौलताबाद की पहचान बन गयी है।

हम सभी जानते हैं कि परिवार को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक जिम्मेदार व्यक्ति का होना अनिवार्य है| अगर किसी परिवार में उस तरह का कोई व्यक्ति न हो आप सोच सकते है उसे किन हालातों गुजरना पड़ता होगा| परिवार के लोग अपने को दीन हीन और बेचारा ही मानते हैं, कुछ ऐसा ही पालड़ा गाँव के एक परिवार के साथ भी घटित हुआ| एक हादसे में  इस परिवार के एक मात्र जिम्मेदार लड़के की किसी वजह से मृत्यु हो गई, जिसके बाद इस परिवार को सहारा देने वाला कोई नहीं था| लड़के की शादी भी हो चुकी थी, जिसके दो बच्चे भी हैं|

इस परिवार को किसी के सहारे के सख्त जरूरत थी लेकिन कोई भी आगे आकर मदद के तैयार लिए नहीं था| ऐसे में राकेश दौलताबाद के कुशल नेतृत्व में काम कर रही गुरुग्राम की एक गैर लाभकारी संस्था परिवर्तन संघ ने इस परिवार के दर्द को समझा और गोद ले लिया।

इस नेक कार्य पर बातचीत के दौरान परिवर्तन संघ के अध्यक्ष भाई राकेश दौलतबाद ने बताया कि “समाज के हर व्यक्ति के दुःख की घड़ी में साथ देना मैं अपना कर्तव्य समझता हूँ | रेखा जी के परिवार को मै अपना परिवार मानता हुँ और उन्हें हर सम्भव मदद करना मेरा फर्ज है| मै हमेशा समाज के सभी वंचितो, असहायों के हर सम्भव के लिए तत्पर रहता हूँ।”

बातचीत के दौरान लड़के की माँ ने अपने दर्द को बयां करते हुये बताया कि “मेरे लड़के के गुजरने के बाद जिस हालात से गुजरे मै उसको बता नहीं सकती | उस दुःख की घड़ी में भाई राकेश आगे आए और हमें जीने का सहारा देते हुये आर्थिक सहायता प्रदान की, साथ ही पूरी जिंदगी भर के लिए अपने परिवार की तरह उन्होने हमें अपने साथ जोड़ लिया।”

रेखा जी  ने आगे कहा कि “पता नहीं अगर राकेश भाई  नहीं होते क्या होता आज! पता नहीं हम किसी फैक्टरी में जाते, किसी के घर झाड़ू पोछा लगाते, लेकिन आज दो साल हो गए मेरे बेटे को गुजरे हुये मगर आज तक हम घर से बाहर नहीं निकले| सब कुछ भाई राकेश ही करते है| उनकी वजह से हमारा चूल्हा जलता है| मै भगवान से प्रार्थना करती हु कि राकेश भाई हमेशा अपने मकसद मे कामयाब रहे| ”

परिवर्तन संघ के अध्यक्ष भाई राकेश दौलताबाद ने कई परिवारों के लिए आगे आकर सर संभव मदद की है| परिवर्तन संघ स्वास्थ्य को ध्यान रखते हुये निःशुल्क एंबुलेंस कि सुविधा प्रदान करता है जिससे गुड़गाँव के काफी लोग लाभान्वित है|  गुरुग्राम के कई ऐसे परिवार है जिनके घर के लड़कियों की शादियों मे भी आर्थिक मदद की है|

 

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