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बिहार के औद्योगिक विकास में बने भागीदार : समीर कुमार महासेठ

बिहार के औद्योगिक विकास में बने भागीदार : समीर कुमार महासेठ

पटना। उद्योग विभाग के नवचयनित परियोजना प्रबंधकों के प्रशिक्षण के शुभारंभ तथा ‘उद्योग संवाद’ पत्रिका के विमोचन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने चयनित सभी नये अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सबने कड़ी मेहनत के बल पर कामयाबी पाई है, लेकिन यह मंजिल नहीं है। सफर की शुरूआत है। सभी अधिकारियों को बिहार के औद्योगिक विकास में भागीदार बनने के महत्वपूर्ण कार्य के लिए चयनित किया गया है। विकास की कोई भी गाथा उद्योगों के विकास के बिना नहीं लिखी जा सकती है। जब बिहार के हर जिला, हर गांव में उद्योग लगेगा तब राज्य का चहुंमुखी विकास होगा। हजारों-लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।

कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि सरकारी सेवा में आने वाले अधिकारियों का करियर चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन, कम उम्र में जिस प्रकार बड़ा दायित्व सरकारी सेवा में मिलता है वह कहीं और नहीं मिलता है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को मोटिवेट करते हुए कहा कि पूर्ण निष्ठा और लगन के साथ बिहार के विकास के लिए समर्पित होकर काम करें। उद्योग विभाग की पूरी टीम बिहार के औद्योगिक विकास के प्रति समर्पित है। आपको इस टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिल रहा है, यह आप सबके लिए सौभाग्य की बात है। औद्योगिक विकास में औद्योगिक नीतियों की प्रमुख भूमिका होती है। 2016 के औद्योगिक विकास नीति के तहत कई तरह के इनसेन्टिव दिये जाते हैं जिसके बारे में आपको प्रशिक्षण के दौरान बताया जाएगा। टेक्सटाइल और लेदर क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए बिहार में स्पेशल इनसेन्टिव दिया जाता है। हमारी पॉलिसी देश की सबसे अच्छी पॉलिसी है जिसे एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। आपको मालूम होगा कि पहले यह नीति 30 जून 2023 को समाप्त हो रही थी, लेकिन हमने पहल की और अब इसकी अवधि 30 जून 2024 तक कर दी गई है। इस नीति के तहत 10 करोड़ रुपये तक के पूंजीगत अनुदान, पावर टैरिफ पर 2 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी, 5 हजार रुपये प्रति कामगार प्रति माह का रोजगार अनुदान, 10 लाख रुपये तक की फ्रेट सब्सिडी और 10 लाख रुपये तक के पेटेन्ट सहायता का प्रावधान है। इस नीति के तहत मुजफ्फरपुर और फतुहा में बैग कलस्टर का निर्माण किया गया है और जीविका दीदीयों को बैग कलस्टर से जोड़ा गया है।

कार्यक्रम में उद्योग विभाग की त्रैमासिक पत्रिका ‘उद्योग संवाद’ का विमोचन किया गया तथा नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति का ऑफर लेटर दिया गया। इस अवसर पर उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, विशेष सचिव दिलीप कुमार, उपसचिव बृजकिशोर चैधरी आदि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विशेष सचिव दिलीप कुमार ने किया।

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