newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu & Kashmir, Trending news | News Mantra
News Mantra: Exclusive

गोवा में 35 हजार करोड का जुमला बन रहा चुनावी मुददा

गोवा में 35 हजार करोड का जुमला

नये साल के जश्न की तैयारी कर रहा पर्यटन राज्य गोवा में राजनीति का माहौल गर्म हो रहा है . इन दिनों राजनीतिक एजेंडा सेट हो रहा है ऐसे में नये नये आये राजनीतिक दल तृणमूल कांग्रेस ने गोवा की नई सुबह और 35 हजार करोड का नया नारा उछाल दिया है . इस मसले पर बीजेपी उलझ गयी है और उसे जवाब नहीं देते बन रहा है .
गोवा में पहली बार है जब चार पुराने दलो के अलावा पांचवे और छठे दल की भी एंटी हो गयी है . गोवा में अब तक बीजेपी . कांग्रेस .एनसीपी और शिवसेना ही बड़े दल थे चुनाव मैदान में लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी मैदान में उतर गयी है. सबसे ज्यादा खर्च तृणमूल कांग्रेस कर रही है और रणनीतीकार प्रशांत किशोर के कहने पर सब हो रहा है . गोवा एयरपोर्ट से उतरकर आप अगर पणजी तक का सफर करेंगे तो हर जगह आपको ममता बनर्जी के पोस्टर नजर आयेंगे. गोयेंची नवी सकाल . गोवा की नई सुबह ..
टीएमसी ने गोवा के पुराने क्रिश्चियन एनजीओ गोवा फाउंडेशन के साथ समझौता कर लिया है और इस संगठन ने पुराने कागज झाड़ पोंछकर एक नया जुमला 35 हजार करोड़ की वसूली और हर गोवा के खाते में तीन लाख रुपये जमा करने का नारा दिया है. पार्टी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि गोवा में माइनिंग माफिया ने 35 हजार करोड़ का घोटाला किया था और उसे वापस लेकर हर गोवा वासी को तीन लाख रुपये दिये जायेगे . ये सब उनको गोवा फाउंडेशन के क्लाउड अलवारिस ने समझाया है . जो गोवा के हर विकास काम में रोड़ा लगाते रहे हैं.
क्या है ये 35 हजार करोड़ का खेल .
असल में गोवा फाउंडेशन की अपील पर सुप्रीम कोर्ट के जज एम बी शाह ने एक रिपोर्ट बनायी थी जिसमें कहा गया था कि अनुमान है कि गोवा में गलत खनन से करीब 35हजारकरोड़ का राजस्व नुकसान हुआ .. ये रिपोर्ट 2012 के चुनाव में बीजेपी ने उठा ली और अरुण जेटली के साथ मनोहर पर्रीकर ने इस पर खूब प्रचार किया . बाद में जब पर्रीकर की ही सरकार आ गयी तो वो फंस गये . गोवा सरकार ने इस पर एक जांच बिठाई तो खुद पर्रीकर को अधिकारिक तौर पर कहना पड़ा कि ये आंकड़ा करीब तीन हजार करोड़ का ही है 35 हजार करोड़ तो अनुमान था .. लेकिन मजे की बात जब चार्टड अकाउंटेंटस की एक कमेटी बनाकर जांच की गयी तो असल आंकड़ा 300 करोड़ से भी कम के रेवेन्यू लास का निकला. आखिर में वो भी पांच साल मे वसूल नही हो पाये . यानि 15 लाख करोड़ के काले धन और हर खाते में 15 लाख के जुमले की तरह इसका इस्तेमाल हो गया. अब तृणमूल कांग्रेस ने इसे लपक लिया है और लगातार बयानबाजी कर रहे है लेकिन मुश्किल ये है कि खुद बीजेपी सरकार भी इसका खंडन नहीं कर पा रही है. डर यही कि लोग अगर फिर से खाते में तीन लाख के झांसे मे आ गये तो क्या होगा.
गोवा की हालत खराब ..
असल में इस समय गोवा एक ऐसा राज्य हो गया है जिस पर कोविड का सबसे बुरा असर पड़ा है. गोवा में दो साल तक पर्यटन पूरी तरह बंद रहा तो कसीनो ,क्लब और किनारे पर खुले होटल ठपप हो गये .दूसरी तरफ कानूनी पचड़े के कारण 2018 से माइनिंग बंद है .आइरन ओर की इन माइन के बंद होने के कारण ढुलाई और पोर्ट से आवाजाही भी बंद है . इससे सरकार को कोई इनकम नहीं हो रही .गोवा पर अभी करीब 23 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है जो पिछले तीन साल मे 50 फीसदी बढा है क्योकि कोई कमाई नहीं है ..इसी के चलते सरकार के काम रुक रहे है . गोवा में सरकार को हर महीने 112 करोड़ रुपये चाहिये केवल तनख्वाह देने के लिए वो भी जुटाना मुश्किल हो रहा है . ऐसे में गोवा के सीएम प्रमोद सावंत फिर से माइनिंग चालू करने की बात कर रहे है लेकिन तृणमूल ने 35 हजार करोड़ का जुमला उछाल कर उनको परेशानी में डाल दिया है.
गोवा में 14 लाख की आबादी में से 3 लाख लोग किसी न किसी तरह माइनिंग में लगे हैं जाहिर है माइनिंग बंद होने से बेरोजगारी भी बेतहाशा बढ़ी है और कोविड में पर्यटन ठप होने से ये कोड़ में खाज की तरह हो गयी है. अब चुनाव में फिर से मुददे और जुमले उछाले जा रहे है जबकि आम गोवा वासी जो बहुत साधारण रहते हैं कहीं वो इस जुमले की राजनीति में फंस ना जाये तो बीजेपी को बहुत मुश्किल होगी..

Related posts

Raipur to host the 2nd event in News18 India’s Diamond States Summit Series; Chhattisgarh CM Vishnu Dev Sai to speak on the state’s achievements and contribution to national development

Newsmantra

KAZIRANGA UNDER WATER

Newsmantra

PR Professionals Honors Acid Attack Survivors at Sheroes Hangout Café

Newsmantra

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More