नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026: वर्ष 2026 के लिए टॉप एम्प्लॉयर्स की घोषणा कर दी गई है और टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टिट्यूट द्वारा एनटीपीसी लिमिटेड को भारत में वर्ष 2026 के लिए “टॉप एम्प्लॉयर” के रूप में मान्यता दी गई है।
यह प्रमाणन एनटीपीसी की उस क्षमता को दर्शाता है, जिसके माध्यम से वह डेटा-आधारित मानव संसाधन रणनीतियों, स्वतंत्र सत्यापन तथा उन कार्य-प्रथाओं पर स्पष्ट फोकस के जरिए एक उच्च-प्रदर्शन कार्यस्थल का निर्माण करता है, जो व्यावसायिक प्रदर्शन, कर्मचारी सहभागिता और विकास को बढ़ावा देती हैं।
यह लगातार चौथा वर्ष है जब टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टिट्यूट द्वारा एनटीपीसी को भारत में “टॉप एम्प्लॉयर” के रूप में प्रमाणित किया गया है।
131 देशों/क्षेत्रों में सक्रिय, टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टिट्यूट मानव संसाधन प्रमाणन, बेंचमार्किंग और परामर्श के क्षेत्र में एक वैश्विक प्राधिकरण है। टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टिट्यूट का कार्यक्रम एचआर बेस्ट प्रैक्टिसेज़ सर्वे में संगठनों की भागीदारी और उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें प्रमाणित करता है। यह सर्वे छह एचआर डोमेन और 20 विषयों को कवर करता है, जिनमें पीपल स्ट्रेटेजी, वर्क एनवायरनमेंट, टैलेंट एक्विज़िशन, लर्निंग, डाइवर्सिटी एंड इंक्लूज़न और वेलबीइंग शामिल हैं।
एनटीपीसी ने टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टिट्यूट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के अंतर्गत एचआर बेस्ट प्रैक्टिसेज़ सर्वे, वैलिडेशन और ऑडिट प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया और “टॉप एम्प्लॉयर” का दर्जा प्राप्त किया।
“टॉप एम्प्लॉयर” के रूप में प्रमाणित होना एनटीपीसी की बेहतर कार्य-संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो उसके “पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) से पहले लोग” के दृष्टिकोण और प्रगतिशील एचआर नीतियों, नेतृत्व और मानव संसाधन प्रथाओं के माध्यम से परिलक्षित होती है। ये प्रयास संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देते हैं, सकारात्मक संगठनात्मक परिणाम सुनिश्चित करते हैं और कर्मचारी सहभागिता को सुदृढ़ बनाते हैं।
वर्तमान में एनटीपीसी 87 गीगावाट से अधिक स्थापित क्षमता का संचालन कर रहा है, जबकि 32 गीगावाट क्षमता निर्माणाधीन है। कंपनी ने 2032 तक 149 गीगावाट क्षमता प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है, तथा 2037 तक इसे 244 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना है। इस रोडमैप के अंतर्गत लगभग 7 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की परिकल्पना की गई है, जिसमें ऊर्जा भंडारण प्रणाली, पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाएँ, परमाणु ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और रसायन क्षेत्र में विस्तार शामिल है।
थर्मल, हाइड्रो, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के विविध पोर्टफोलियो के साथ, एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और सतत बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी सर्वोत्तम कार्य-प्रथाओं को अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को अंगीकार कर हरित भविष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
