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डायमंड स्टेट्स समिट के उत्तराखंड संस्करण में नेताओं ने राज्य की प्रगति और विकास कार्यों पर की चर्चा

Uttarakhand edition of Diamond States Summit

देहारादून,  28 अक्तूबर 2024: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और बिहार में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद, न्यूज़18 इंडिया ने देहरादून में ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ का उत्तराखंड संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस शिखर सम्मेलन ने उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य की दिशा में सार्थक चर्चाओं के लिए एक मंच प्रदान किया। इस अवसर पर देशभर से प्रमुख नेता, नीति निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एकत्रित हुए। उपस्थित प्रमुख हस्तियों में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री गणेश जोशी, वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, पशुपालन, मत्स्य, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, डीजीपी अभिनव कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु (आईएएस), और खेल एवं युवा कल्याण के विशेष प्रधान सचिव अमित सिन्हा (आईपीएस-एडीजीपी) सहित कई अन्य लोग शामिल थे।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने और अग्निवीर जैसी अच्छी योजनाओं का विरोध करने का काम करती है, जो सैनिकों को बेहतर अवसर प्रदान करती है। हमारी डबल इंजन सरकार राज्य की जरूरतों को समझने और वास्तविक विकास करने पर केंद्रित है। प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद, हम उत्तराखंड का पुनर्निर्माण करने और खासकर महिलाओं के लिए जीवन को आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके तहत हमने 30% आरक्षण जैसी पहल की है।”

उत्तराखंड के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा, “एक सैनिक के कर्तव्य से लेकर एक नेता की यात्रा तक, मेरे परिवार और मैंने हमेशा लोगों की सेवा की है। जिन संघर्षों का मैंने सामना किया, उन्होंने मुझे वह बनाया जो मैं आज हूं, और उत्तराखंड का सपना आज भी मजबूत है। आज, हम अपने शहीदों का सम्मान करते हैं और एक ऐसा राज्य बना रहे हैं जो उनके बलिदान को बनाए रखे।”

उत्तराखंड के वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि “कांग्रेस 60 साल तक सत्ता में रही, फिर भी उन्होंने कभी जाति जनगणना नहीं करवाई- तो अब इसकी जरूरत क्यों है? ‘थूक जिहाद’ के मुद्दे पर यह स्पष्ट कर दें कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। हम उत्तराखंड में आकर काम करने वाले लोगों का स्वागत करते हैं, लेकिन हम अपने राज्य में किसी भी तरह की अस्थिरता को पनपने नहीं देंगे।”

उत्तराखंड के पशुपालन, मत्स्य, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा, “अपने दादा और पिता की विरासत को आगे बढ़ाना मेरे लिए एक सम्मान और चुनौती दोनों है। मेरा ध्यान उत्तराखंड की जनता की सेवा पर है, न कि सुर्खियाँ बटोरने पर। हमारी जनता का भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी में जो विश्वास है, वही हमारे हर प्रयास को प्रेरित करता है।”

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “राजनीति में हार-जीत तो होती रहती है, लेकिन जीत के बाद भी हारना दुखदायी होता है। हरियाणा की राजनीति विकास से हटकर जाति और धर्म के आधार पर विभाजन की ओर बढ़ गई है। समय आएगा जब लोग नारों के भ्रमजाल से बाहर आएंगे और वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू करेंगे। विभिन्न समुदायों की वास्तविक आर्थिक स्थिति को समझने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए एक बार के प्रयोग के रूप में जाति जनगणना आवश्यक है।”

यह कार्यक्रम एक सकारात्मक नोट पर समाप्त हुआ, जिसमें उत्तराखंड के भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी और प्रगतिशील दृष्टिकोण का चित्रण किया गया। इसने विचारशील नेताओं, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों के लिए सार्थक चर्चाओं में भाग लेने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया, जो राज्य की वृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने में सहायक रहा।

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