newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu & Kashmir, Trending news | News Mantra
Culture

गृहस्थ आश्रम ही सबसे बड़ा आश्रम: स्वामी ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती

गृहस्थ आश्रम ही सबसे बड़ा आश्रम: स्वामी ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती

गुरुग्राम, 24 दिसंबर। गुरुग्राम के प्रताप नगर के श्री राम मन्दिर में श्री मद्भागवत कथा के छठे दिन प्रवचन करते हुए स्वामी ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि गृहस्थ आश्रम ही सबसे बड़ा आश्रम होता है और इस पर सभी आश्रम आश्रित है। श्रीधाम वृन्दावन के परमाध्यक्ष ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती जी ने यह भी कहा कि भागवत कथा भक्ति और मुक्ति देने वाली है।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। छठे दिन भी सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने स्वामी जी का आशीर्वाद लिया और घंटों बैठकर श्रीमद्भागवत कथा सुनी।
आज का विशेष प्रसंग रुक्मणि मंगल दिव्य झाकियों के साथ मनाया गया।
परम पूज्य स्वामी ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती जी ने भागवत कथा को मुक्ति और भक्ति देने वाली बताते हुए कहा सभी वर्ण आश्रम में सदाचार पूर्वक गृहस्थ आश्रम सबसे बड़ा आश्रम है, जिसके ऊपर अन्य आश्रम आश्रित रहते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान ने जो जीवन हमें दिया है, उसमें सब अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन सदाचार और सत्य एवं धर्म मार्ग पर चलने वाली आत्मा परमात्मा के करीब होती है। इसलिए सभी को जीवन भर दूसरों की भलाई में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन जीते हुए भी जो व्यक्ति समाज और दूसरों की चिंता हरने का कार्य करता है, सच में वह सबसे पुण्य आत्मा होती है।
कथा के दौरान सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। रविवार को कथा में चंद्रभान नागपाल, सुभाष सरदाना, जयप्रकाश, दिनेश शास्त्री,, आशुतोष चैतन्य,, सेठी, आदित्य द्विवेदी आदि अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य लोगों ने मंच पर पहुंचकर स्वामीजी का आशीर्वाद लिया।

Related posts

Sanjay Dutt fly off to US for treatment 

Newsmantra

आज आपकी बुद्धि एवं कल्पनाशक्ति का विकास होगा

Newsmantra

Wrangler® Opens Six Stores in November

Newsmantra

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More