<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>maya govind - newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</title>
	<atom:link href="https://newsmantra.in/tag/maya-govind/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://newsmantra.in/tag/maya-govind/</link>
	<description>Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &#38; Kashmir, Trending news &#124; News Mantra</description>
	<lastBuildDate>Thu, 07 Apr 2022 08:30:16 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.3</generator>

<image>
	<url>https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2019/05/cropped-newmantra-logo-32x32.png</url>
	<title>maya govind - newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</title>
	<link>https://newsmantra.in/tag/maya-govind/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बिखेर कर गईं गीतों की माया</title>
		<link>https://newsmantra.in/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%88%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be/</link>
					<comments>https://newsmantra.in/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%88%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Apr 2022 08:30:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Mantra View]]></category>
		<category><![CDATA[bhartiya cinema jagat]]></category>
		<category><![CDATA[geetkaar]]></category>
		<category><![CDATA[maya govind]]></category>
		<category><![CDATA[sahitya]]></category>
		<category><![CDATA[shradhanjali]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=14379</guid>

					<description><![CDATA[<p>बिखेर कर गईं गीतों की माया ********** माया गोविंद नहीं रहीं ,वे पिछले कुछ महीनों से लगातार अस्वस्थ्य थीं ,उन्हें जाना ही था,उन्होंने अपना ८२ वा जन्मदिन हठपूर्वक पूरा किया और अंतत&#8221;अपने गीतों की मया बिखेरकर माया गोविंद जी हमेशा के लिए चिर यात्रा पर निकल गयीं . माया गोविंद...</p>
<p>The post <a href="https://newsmantra.in/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%88%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be/">बिखेर कर गईं गीतों की माया</a> appeared first on <a href="https://newsmantra.in">newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिखेर कर गईं गीतों की माया</strong><br />
**********<br />
माया गोविंद नहीं रहीं ,वे पिछले कुछ महीनों से लगातार अस्वस्थ्य थीं ,उन्हें जाना ही था,उन्होंने अपना ८२ वा जन्मदिन हठपूर्वक पूरा किया और अंतत&#8221;अपने गीतों की मया बिखेरकर माया गोविंद जी हमेशा के लिए चिर यात्रा पर निकल गयीं .</p>
<p>माया गोविंद उस दौर की गीतकाकर थीं जब मंच पर गीत का ही युग था,हंसी-मजाक भी फूहड़ता की सीमाएं लांघने की हिम्मत नहीं करते थे .माया जी मंच से होते हुए भारतीय सिनेमाजगत में अपनी जगह बनाने में कामयाब हुईं. उन दिनों रेडियो का कोई भी गीतों का कार्यक्रम हो उसमें एक न एक गीत माया गोविंद का अवश्य होता था .उन्होंने शुरू से अंत तक गीतों की अपनी माया को कायम रखा .उनका नाम लेते ही एक ऐसी छवि मानस पर उभरती है जिसमें शालीनता और भारतीयता के दर्शन होते हैं .<br />
कोई दो दशकों से माया गोविंद को मंच पर नहीं सुना लेकिन यदा-कदा वे किसी न किसी कार्यक्रम में मंचासीन दिखाई दे जातीं थीं. उनके गीतों में छंद का अनुशासन और देशज सुगंध इतनी भीनी होती थी कि श्रोता मन्त्र मुग्ध हो जाता था .माया जी जिस समय मंचों पर आयीं उस समय मंच पर पुरुष गीतकारों का दबदबा था ,लेकिन अपनी शब्द साधना से माया जी ने इस दबदबे के रहते हुए भी अपनी जगह तलाश ली .माया जी शायद आठवें दशक के शुरू में मुंबई आयीं थीं. उन्होंने गीत भी लिखे और मौक़ा मिला तो अभिनय भी कर दिखाया.वे आयीं ही मंच से थीं.नाटक उनका पहला प्रेम था , लेकिन उनकी पहचान अंतत:उनके गीत ही बने .गीतों ने उन्हें प्रतिष्ठा,मान और वैभव सब दिया ,लेकिन उन्होंने इसके लिए बाजार के सामने समर्पण नहीं किया ,हालाँकि बहुत से गीत बाजार की मांग पर लिखे जरूर .जैसे अटरिया पर लोटन कबूतर</p>
<p>माया जी ने अनेक प्रतिष्ठित फिल्म निर्माताओं के लिए गीत लिखे लेकिन राजश्री प्रोडक्शन की पारिवारिक फिल्मों में उन्हें ज्यादा अवसर मिला . मनोज कुमार की फ़िल्म ‘कलियुग और रामायण’ (1987) में उनके एक गीत ने धूम मचाई .ये गीत मुझे आज भी याद है .गीत के बोल थे &#8211;<br />
क्या क्या न सितम हाय ढाती हैं चूड़ियां<br />
जब भी किसी कलाई में आती हैं चूड़ियां</p>
<p>फिल्मों में सक्रिय रहते हुए भी माया जी साहित्य की सतत सेवा करती रहीं. उनकी लगभग एक दर्जन पुस्तकें गीतों कि दुनिया को समृद्ध करतीं है. उनके रचना संसार पर शोध भी हुए मया जी का जीवन संघर्षों की अथक कहानी है .उनकी पहली शादी नाकाम रही और उन्होंने दोबारा घर बसाया तो फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा .‘वादा भूल न जाना’ (जलते बदन), ‘नैनों में दर्पण है’ (आरोप), ‘यहां कौन है असली कौन है नक़ली, ये तो राम जाने’ (क़ैद), ‘तेरी मेरी प्रेम कहानी किताबों में भी न मिलेगी’ (पिघलता आसमान), ‘कजरे की बाती अंसुअन के तेल में’ (सावन को आने दो), ‘चार दिन की ज़िंदगी है’ (एक बार कहो), ‘लो हम आ गए हैं फिर तेरे दर पर’ (खंज़र’), ‘मोरे घर आए सजनवा’ (ईमानदार), ‘ठहरे हुए पानी में कंकर न मार सांवरे’ (दलाल), ‘दरवज्जा खुल्ला छोड़ आयी नींद के मारे’ (नाजायज़), को कौन भूल सकता है ?</p>
<p>‘प्रेम का ग्रन्थ पढ़ाओ सजनवा’ (तोहफ़ा मोहब्बत का), ‘आंखों में बसे हो तुम तुम्हें दिल में छुपा लूंगा’ (टक्कर), ‘शुभ घड़ी आयी रे’ (रज़िया सुल्तान), ‘हम दोनों हैं अलग अलग हम दोनों हैं जुदा जुदा’ (मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी), ‘चन्दा देखे चन्दा तो चन्दा शरमाए’ (झूठी), ‘मेरी पायल बोले छम&#8230;छमछम’ (गजगामिनी), ‘मुझे ज़िन्दगी की दुआ न दे’ (गलियों का बादशाह), डैडी कूल कूल कूल’ (चाहत) और ‘देखो कान्हा नहीं मानत बतियां’ (पायल की झंकार) तो आज भी मेरी पीढ़ी के श्रोताओं को रोमांचित करते हैं .<br />
आज कविता मंच पर एक से बढ़कर एक कवियत्रियाँ हैं लेकिन उनमें से माया गोविंद कोई नहीं है.हो भी नहीं सकती क्योंकि गीत आह से उपजा गान है और आह माया गोविंद का अतीत रहा है. विनम्र श्रृद्धांजलि</p>
<p>The post <a href="https://newsmantra.in/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%88%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be/">बिखेर कर गईं गीतों की माया</a> appeared first on <a href="https://newsmantra.in">newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsmantra.in/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%88%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
