<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>विधि - newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</title>
	<atom:link href="https://newsmantra.in/tag/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://newsmantra.in/tag/विधि/</link>
	<description>Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &#38; Kashmir, Trending news &#124; News Mantra</description>
	<lastBuildDate>Tue, 03 Nov 2020 05:30:03 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.3</generator>

<image>
	<url>https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2019/05/cropped-newmantra-logo-32x32.png</url>
	<title>विधि - newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</title>
	<link>https://newsmantra.in/tag/विधि/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>करवा चौथ और पूजा विधि</title>
		<link>https://newsmantra.in/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%a5-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/</link>
					<comments>https://newsmantra.in/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%a5-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Nov 2020 05:30:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Culture]]></category>
		<category><![CDATA[Horoscope]]></category>
		<category><![CDATA[MOON]]></category>
		<category><![CDATA[करवा चौथ]]></category>
		<category><![CDATA[चांद]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा का तरीका]]></category>
		<category><![CDATA[विधि]]></category>
		<category><![CDATA[सुहागन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=12972</guid>

					<description><![CDATA[<p>&#160; करवा चौथ शुभ मुहूर्त, मंत्र, चंद्रोदय अपनी अपनी जगह का, पूजा विधि एवं पूजा सामग्री, सौभाग्यवती नारियों का सुंदर सुहाग पर्व करवा चौथ इस साल 4 नवंबर 2020 को है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद देखने के बाद अपना व्रत खोलती हैं. इस...</p>
<p>The post <a href="https://newsmantra.in/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%a5-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/">करवा चौथ और पूजा विधि</a> appeared first on <a href="https://newsmantra.in">newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>करवा चौथ शुभ मुहूर्त, मंत्र, चंद्रोदय अपनी अपनी जगह का, पूजा विधि एवं पूजा सामग्री,<br />
सौभाग्यवती नारियों का सुंदर सुहाग पर्व करवा चौथ इस साल 4 नवंबर 2020 को है.</p>
<p>इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चांद देखने के बाद अपना व्रत खोलती हैं.<br />
इस दिन अगर सुहागिन स्त्रियां उपवास रखें तो उनके पति की उम्र लंबी होती है और उनका गृहस्थ जीवन सुखी रहता है.<br />
ये व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है जिसे चांद निकलने तक रखा जाता है.<br />
इस व्रत में सास अपनी बहू को सरगी देती है इस सरगी को लेकर बहुएं अपने व्रत की शुरुआत करती हैं.<br />
इस व्रत में शाम के समय शुभ मुहूर्त में चांद निकलने से पहले पूरे शिव परिवार की पूजा की जाती है.<br />
चांद निकलने के बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और अपने पति के हाथ से पानी पीकर व्रत को संपन्न करती हैं.<br />
हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ मनाया जाता है.<br />
करवा चौथ का व्रत सुहागन स्त्रियों के लिए बहुत खास होता है.<br />
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आने वाली संकष्टी चतुर्थी व्रत को ही करवा चौथ का व्रत है, इस साल करवा चौथ 4 नवंबर 2020 दिन बुधवार को मनाया जा रहा है,<br />
पति की दीर्घायु, यश-कीर्ति और सौभाग्य में वृद्धि के लिए इस व्रत को विशेष फलदायी माना गया है.</p>
<p>करवा चौथ शुभ मुहूर्त</p>
<p>4 नवंबर 2020, बुधवार<br />
शाम 05 बजकर 34 मिनट से शाम 06 बजकर 52 मिनट तक करवा चौथ की संध्या पूजा का शुभ मुहूर्त है.<br />
इस दिन चंद्रोदय शाम दांते पंचाग अनुसार<br />
20:49मिनट तक होगा..<br />
कृपया अपने अपने शहर के चंद्रोदय समयानुसार व्रत खोल दिजीये.</p>
<p>करवा चौथ व्रत की पूजा विधि.</p>
<p>सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं सरगी के रूप में मिला हुआ भोजन करें पानी पीएं और भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें. करवा चौथ में महिलाएं पूरे दिन जल-अन्न कुछ ग्रहण नहीं करतीं फिर शाम के समय चांद को देखने के बाद दर्शन कर व्रत खोलती हैं.<br />
पूजा के लिए शाम के समय एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना कर इसमें करवे रखें.<br />
एक थाली में धूप, दीप, चंदन, रोली, सिन्दूर रखें और घी का दीपक जलाएं.<br />
पूजा चांद निकलने के एक घंटे पहले शुरू कर देनी चाहिए.<br />
पूजन के समय करवा चौथ कथा जरूर सुनें या सुनाएं.<br />
चांद को छलनी से देखने के बाद अर्घ्य देकर चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए.<br />
चांद को देखने के बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलना चाहिए.<br />
इस दिन बहुएं अपनी सास को थाली में मिठाई, फल, मेवे, रुपए आदि देकर उनसे सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद लेती हैं.</p>
<p>करवा चौथ पूजा मुहूर्त<br />
4 नवंबर 2020 बुधवार.<br />
करवा चौथ की संध्या पूजा का शुभ मुहूर्त.<br />
शाम 05 बजकर 34 मिनट से शाम 06 बजकर 52 मिनट तक<br />
चंद्रोदय महाराष्ट्र दांते पंचाग अनुसार शाम 8 बजकर 49 मिनट तक होगा.</p>
<p>चंद्र को अर्घ्य दें तो यह मंत्र अवश्य बोलें&#8230;</p>
<p>करकं क्षीरसंपूर्णा तोयपूर्णमयापि वा।<br />
ददामि रत्नसंयुक्तं चिरंजीवतु मे पतिः॥<br />
इति मन्त्रेण करकान्प्रदद्याद्विजसत्तमे।सुवासिनीभ्यो दद्याच्च आदद्यात्ताभ्य एववा।।<br />
एवं व्रतंया कुरूते नारी सौभाग्य काम्यया। सौभाग्यं पुत्रपौत्रादि लभते सुस्थिरां श्रियम्।।</p>
<p>पूजन सामग्री में करवा चौथ के &#8216;पूजा का पाना&#8217; तथा &#8216;करवा चौथ कथा की पुस्तक&#8217; तो अवश्‍य होनी ही चाहिए.<br />
लेकिन कुल मिलाकर ऐसी 34 चीजें और भी हैं, जो इस व्रत की शुरुआत से लेकर व्रत खोलने तक उपयोग में आती हैं.</p>
<p>करवा चौथ पूजन सामग्री की सूची.</p>
<p>चंदन,शहद,अगरबत्ती,पुष्प ,कच्चा दूध<br />
शकर,शुद्ध घी,दही,मिठाई,गंगाजल,कुंकुम,<br />
अक्षत(चावल),सिंदूर,मेहंदी,महावर,कंघा,बिंदी,चुनरी,चूड़ी, बिछुआ.<br />
मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन<br />
दीपक,रुई, कपूर,गेहूं,शकर का बूरा, हल्दी, पानी का लोटा,गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी,लकड़ी का आसन,चलनी ,आठ पूरियों की अठावरी,हलुआ, इच्छा अनुसार दक्षिणा के लिए रुपये &#8230;</p>
<p>।।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।।<br />
!! अवधूत चिंतन श्री गुरुदेव दत्त!!<br />
🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹</p>
<p>🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻<br />
ज्योतिषाचार्य :: श्री रमेश बी जोशी (शास्त्री)<br />
सम्पर्क :9869513936</p>
<p>🙏🏻</p>
<p>The post <a href="https://newsmantra.in/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%a5-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/">करवा चौथ और पूजा विधि</a> appeared first on <a href="https://newsmantra.in">newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsmantra.in/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%a5-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कैसे मनायें हरितालिका का त्यौहार</title>
		<link>https://newsmantra.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0/</link>
					<comments>https://newsmantra.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Aug 2020 07:18:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Culture]]></category>
		<category><![CDATA[Entertainment]]></category>
		<category><![CDATA[त्यौहार]]></category>
		<category><![CDATA[महिला]]></category>
		<category><![CDATA[विधि]]></category>
		<category><![CDATA[शिव का पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[हरितालिका]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=12299</guid>

					<description><![CDATA[<p>हरतालिका तीज (गौरी तृतीया) व्रत हरतालिका तीज का व्रत हिन्दू धर्म में सबसे बड़ा व्रत माना जाता हैं। यह तीज का त्यौहार भाद्रपद मास शुक्ल की तृतीया तिथि को मनाया जाता हैं। यह आमतौर पर अगस्त – सितम्बर के महीने में ही आती है. इसे गौरी तृतीया व्रत भी कहते...</p>
<p>The post <a href="https://newsmantra.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0/">कैसे मनायें हरितालिका का त्यौहार</a> appeared first on <a href="https://newsmantra.in">newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हरतालिका तीज (गौरी तृतीया) व्रत</p>
<p>हरतालिका तीज का व्रत हिन्दू धर्म में सबसे बड़ा व्रत माना जाता हैं। यह तीज का त्यौहार भाद्रपद मास शुक्ल की तृतीया तिथि को मनाया जाता हैं।</p>
<p>यह आमतौर पर अगस्त – सितम्बर के महीने में ही आती है. इसे गौरी तृतीया व्रत भी कहते है। भगवान शिव और पार्वती को समर्पित इस व्रत को लेकर इस बार उलझन की स्थिति बनी हुई है। व्रत करने वाले इस उलझन में हैं कि उन्हें किस दिन यह व्रत करना चाहिए। इस उलझन की वजह यह है कि इस साल पंचांग की गणना के अनुसार तृतीया तिथि का क्षय हो गया है यानी पंचांग में तृतीया तिथि का मान ही नहीं है।</p>
<p>आपको बता दें कि इस विषय पर ना सिर्फ व्रती बल्कि ज्योतिषशास्त्री और पंचांग के जानकर भी दो भागों में बंटे हुए हैं। एक मत के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत २१ अगस्त को करना शास्त्र सम्मत होगा क्योंकि यह व्रत हस्त नक्षत्र में किया जाता है जो २१ अगस्त को है<br />
२१ अगस्त को ११:०२एम मिनट तक तृतीया तिथि होगी, जिससे व्रत के लिए २१ सितंबर का दिन ही सब प्रकार से उचित है।</p>
<p>२० अगस्त को द्वितीया तिथि ०२ बजकर १३ मिनट पर समाप्त हो जाएगी। इसके बाद से तृतीया यानी तीज शुरू हो जाएगी और अगले दिन यानी २१ अगस्त को से ११ बजकर ०२ मिनट पर तृतीया समाप्त होकर चतुर्थी शुरू हो जाएगी,</p>
<p>खासतौर पर महिलाओं द्वारा यह त्यौहार मनाया जाता हैं। कम उम्र की लड़कियों के लिए भी यह हरतालिका का व्रत श्रेष्ठ समझा गया हैं,</p>
<p>विधि-विधान से हरितालिका तीज का व्रत करने से जहाँ कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है, वहीं विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य मिलता है,</p>
<p>हरतालिका तीज में भगवान शिव, माता गौरी एवम गणेश जी की पूजा का महत्व हैं। यह व्रत निराहार एवं निर्जला किया जाता हैं। शिव जैसा पति पाने के लिए कुँवारी कन्या इस व्रत को विधि विधान से करती हैं,</p>
<p>महिलाओं में संकल्प शक्ति बढाता है हरितालिका तीज का व्रत</p>
<p>हरितालिका तीज का व्रत महिला प्रधान है।इस दिन महिलायें बिना कुछ खायें -पिये व्रत रखती है।यह व्रत संकल्प शक्ती का एक अनुपम उदाहरण है। संकल्प अर्थात किसी कर्म के लिये मन मे निश्चित करना कर्म का मूल संकल्प है।इस प्रकार संकल्प हमारी अन्तरीक शक्तियोंका सामोहिक निश्चय है।इसका अर्थ है-व्रत संकल्प से ही उत्पन्न होता है।व्रत का संदेश यह है कि हम जीवन मे लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प लें ।संकल्प शक्ति के आगे असंम्भव दिखाई देता लक्ष्य संम्भव हो जाता है।माता पार्वती ने जगत को दिखाया की संकल्प शक्ति के सामने ईश्वर भी झुक जाता है,</p>
<p>अच्छे कर्मो का संकल्प सदा सुखद परिणाम देता है। इस व्रत का एक सामाजिक संदेश विषेशतः महिलाओं के संदर्भ मे यह है कि आज समाज मे महिलायें बिते समय की तुलना मे अधिक आत्मनिर्भर व स्वतंत्र है।महिलाओं की भूमिका मे भी बदलाव आये है ।घर से बाहर निकलकर पुरुषों की भाँति सभी कार्य क्षेत्रों मे सक्रिय है।ऎसी स्थिति मे परिवार व समाज इन महिलाओं की भावनाओ एवं इच्छाओं का सम्मान करें,उनका विश्वास बढाएं,ताकि स्त्री व समाज सशक्त बनें।</p>
<p>हरतालिका तीज व्रत विधि और नियम</p>
<p>हरतालिका पूजन प्रदोष काल में किया जाता हैं। प्रदोष काल अर्थात दिन रात के मिलने का समय। हरतालिका पूजन के लिए शिव, पार्वती, गणेश एव रिद्धि सिद्धि जी की प्रतिमा बालू रेत अथवा काली मिट्टी से बनाई जाती हैं।</p>
<p>विविध पुष्पों से सजाकर उसके भीतर रंगोली डालकर उस पर चौकी रखी जाती हैं। चौकी पर एक अष्टदल बनाकर उस पर थाल रखते हैं। उस थाल में केले के पत्ते को रखते हैं। सभी प्रतिमाओ को केले के पत्ते पर रखा जाता हैं। सर्वप्रथम कलश के ऊपर नारियल रखकर लाल कलावा बाँध कर पूजन किया जाता हैं कुमकुम, हल्दी, चावल, पुष्प चढ़ाकर विधिवत पूजन होता हैं। कलश के बाद गणेश जी की पूजा की जाती हैं।</p>
<p>उसके बाद शिव जी की पूजा जी जाती हैं। तत्पश्चात माता गौरी की पूजा की जाती हैं। उन्हें सम्पूर्ण श्रृंगार चढ़ाया जाता हैं। इसके बाद अन्य देवताओं का आह्वान कर षोडशोपचार पूजन किया जाता है।</p>
<p>इसके बाद हरतालिका व्रत की कथा पढ़ी जाती हैं। इसके पश्चात आरती की जाती हैं जिसमे सर्वप्रथम गणेश जी की पुनः शिव जी की फिर माता गौरी की आरती की जाती हैं। इस दिन महिलाएं रात्रि जागरण भी करती हैं और कथा-पूजन के साथ कीर्तन करती हैं। प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव को सभी प्रकार की वनस्पतियां जैसे बिल्व-पत्र, आम के पत्ते, चंपक के पत्ते एवं केवड़ा अर्पण किया जाता है। आरती और स्तोत्र द्वारा आराधना की जाती है। हरतालिका व्रत का नियम हैं कि इसे एक बार प्रारंभ करने के बाद छोड़ा नहीं जा सकता।</p>
<p>The post <a href="https://newsmantra.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0/">कैसे मनायें हरितालिका का त्यौहार</a> appeared first on <a href="https://newsmantra.in">newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsmantra.in/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8c%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
