<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Political &#8211; newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</title>
	<atom:link href="https://newsmantra.in/category/mantra-view/political/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://newsmantra.in</link>
	<description>Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &#38; Kashmir, Trending news &#124; News Mantra</description>
	<lastBuildDate>Fri, 16 Jan 2026 09:32:24 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2019/05/cropped-newmantra-logo-32x32.png</url>
	<title>Political &#8211; newsmantra.in l Latest news on Politics, World, Bollywood, Sports, Delhi, Jammu &amp; Kashmir, Trending news | News Mantra</title>
	<link>https://newsmantra.in</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>महानगरपालिका चुनाव भाजपा के सहयोगियों को लिए खतरे की घंटी </title>
		<link>https://newsmantra.in/municipal-elections-are-a-warning-bell-for-bjp-allies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Jan 2026 09:32:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Political]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=76075</guid>

					<description><![CDATA[संदीप सोनवलकर वरिष्ठ पत्रकार मुंबई समेत राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव और उनके परिणाम ने ये साफ कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी शत प्रतिशत भाजपा के अपने नारे के लिए एक कदम और बढ़ गयी है और अब आने वाले समय में उसके दोनों सहयोगियों को वो...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>संदीप सोनवलकर वरिष्ठ पत्रकार</strong></p>
<p>मुंबई समेत राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव और उनके परिणाम ने ये साफ कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी शत प्रतिशत भाजपा के अपने नारे के लिए एक कदम और बढ़ गयी है और अब आने वाले समय में उसके दोनों सहयोगियों को वो बांह मरोड़ने का अवसर नहीं देगी .उल्टा भाजपा के दोनों सहयोगी एकनाथ शिंदे और अजित पवार को भाजपा ने एक तरह से औकात दिखा दी है और अब उनको भाजपा के रहमोकरम पर ही जीवित रहना पड़ेगा .. यानि जब तक भाजपा को जरुरत है तब तक ही वो साथ रहेंगे .</p>
<p>चुनाव परिणाम ये साफ इशारा कर रहे हैं कि 29 में से अधिकतर पर भाजपा अपने दम पर ही सत्ता हासिल करने में कामयाब रही और उसके सहयोगी दलों का कद और भी छोटा हो गया .विधानसभा चुनाव के बाद लग रहा था कि भाजपा अकेले आगे नहीं बढ़ सकती उसे 59 विधायकों वाली एनसीपी की जरुरत पड़ती रहेगी लेकिन महानगरपालिका के चुनाव में भाजपा ने शुरु से ही साफ कर दिया था कि वो अकेले लड़ना चाहती है . दिल्ली के दखल के बाद ही मुंबई समेत केवल 14 जगहों पर ही ठीक ठाक समझौता हो पाया और बाकी पर आमने सामने की लड़ाई रही ..</p>
<p>भाजपा ने सबसे पहले एकनाथ शिंदे को निपटाया और मुंबई में उनको भाजपा और उदधव ठाकरे की शिवसेना के बाद यानि तीसरे नंबर की पार्टी बना दिया . अजित पवार की एनसीपी को भाजपा ने मुंबई में भाव तक नहीं दिया और समझौता नहीं किया इससे अजित पवार के इकलौते नेता नवाब मलिक तक के परिवार को हार का सामना करना पड़ा . नवाब मलिक के भाई जो लगातार जीतते रहते थे वो भी कारपोरेटर का चुनाव हार गये . इतना ही भाजपा ने ठाणे जिले में सबसे ताकतवर माने जाने वाले एकनाथ शिंदे को केवल ठाणे शहर तक ही सीमित कर दिया .इसके अलावा नवी मुंबई , कल्याण डोंबिवली .वसई विरार जैसे बड़े इलाकों में भाजपा का परचम लहरा दिया .</p>
<p>भाजपा की ये जीत पूरी तरह से सीएम देवेंद्र फणनवीस की जीत है जिन्होंनें दिल्ली के दवाब में सहयोगियों से समझौता तो किया लेकिन जमीन पर ऐसी चाल चली कि अब उनको सहयोगियों से दबने की जरुरत नहीं है और केंद्र , राज्य के साथ जमीन स्तर पर महानगरपालिकाओं पर कब्जा करने का भाजपा का मिशन पूरा हो गया है. भाजपा ने 2022 में सबसे पहले एकनाथ शिंदे की बगावत कर ठाकरे की शिवसेना को कमजोर किया और उसके बाद पवार घराने में फूट हो गयी इस तरह विपक्ष को कमजोर कर दिया . इसका पूरा फायदा सिर्फ और सिर्फ भाजपा को ही मिला सहयोगी दल बस टापते ही रह गये .</p>
<p>दूसरा मुंबई का ट्रेंड ये दिखा रहा है कि भाजपा ने अपनी पुरानी ताकत बचाये रखी और महापौर पद भी ले लिया लेकिन तमाम फूट और करीब 60 पुराने कारपोरटरों को खोने के बाद भी मराठी का मुददा लेकर शिवसेना उदव ठाकरे और मनसे अपनी लाज बचाये रखने में कामयाब हो गये यानि राज्य का राजनीति में अब भी क्षेत्रीय राजनीती की जगह उदधव ठाकरे शिवसेना के पास ही रहेगी . सबसे कमजोर कांग्रेस ही रही जो मुंबई में सबसे कम सीट जीत पायी और उसके साथ ही उसके साथ रहने वाला दलित और मुस्लिम वोट भी खिसककर उदधव ठाकरे की शिवसेना के साथ चला गया इससे कांग्रेस की राहें और भी कठिन हो गयी है.</p>
<p>एक बड़ा ट्रेंड ये दिखा कि लोगों में इस बात की परवाह दिखी कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है और स्थानीय महानगरपालिका में केवल भाजपा ही सबसे तेजी से काम कर सकती है ऐसे में भाजपा के लिए वोट फायदे का सौदा मानकर दिया गया . भाजपा ने अपने विकास प्रोजेक्ट खासतौर पर मेट्रो और एयरपोर्ट जैसे मुददो को तरजीह दी .</p>
<p>कुल मिलाकर महानगरपालिका चुनाव का संदेश है कि अब महाराष्ट्र में भाजपा की सबसे बड़ी पार्टी है और उसके सहयोगियों को भाजपा के भरोसे ही रहना पड़ेगा और खुद को बचाने के लिए मेहनत करना प़ड़ेगा. मुंबई में ठाकरे ब्रांड खुद को बचाने में कामयाब रहा सत्तता नहीं मिली लेकिन इज्जत बच गयी .कांग्रेस राष्ट्रीय तौर पर मोदी विरोधी है लेकिन महाराष्ट्र में उसका बड़ा आपरेशन करने की जरुरत है . कांग्रेस का बचा खुचा वोट बैंक भी खिसक रहा है . लोकसभा में 14 सीट पाने वाली कांग्रेस के लिए भी ये खतरे की घंटी है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सत्ता की मलाई सबने मिलकर खायी</title>
		<link>https://newsmantra.in/maharashtra-mahanagarpalika-chunav-2026-satta-sangharsh-rajneeti/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Jan 2026 12:57:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[एनसीपी अजित पवार]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस मनसे गठबंधन]]></category>
		<category><![CDATA[दल बदल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[बीएमसी चुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[बीएमसी बजट राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[बीजेपी शिवसेना शिंदे]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव 2026]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई चुनाव विश्लेषण]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई नगर निगम राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लाड़की बहना योजना]]></category>
		<category><![CDATA[शहरी राजनीति भारत]]></category>
		<category><![CDATA[स्थानीय निकाय चुनाव महाराष्ट्र]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=75945</guid>

					<description><![CDATA[वरिष्ठ पत्रकार संदीप सोनवलकर महाराष्ट्र में इन दिनों स्थानीय निकायों के चुनाव है. पहले चरण में नगरपरिषद के चुनाव हुये और अब 29 महानगरपालिका चुनाव हो रहे हैं लेकिन सत्ता की मलाई को लेकर इतनी मारपीट है कि कोई अपना नहीं और कोई पराया नहीं. मुंबई से सटे अँबरनाथ में...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वरिष्ठ पत्रकार संदीप सोनवलकर</strong></p>
<p>महाराष्ट्र में इन दिनों स्थानीय निकायों के चुनाव है. पहले चरण में नगरपरिषद के चुनाव हुये और अब 29 महानगरपालिका चुनाव हो रहे हैं लेकिन सत्ता की मलाई को लेकर इतनी मारपीट है कि कोई अपना नहीं और कोई पराया नहीं. मुंबई से सटे अँबरनाथ में एकनाथ शिंदे की पार्टी के ज्यादा कारपोरेटर आये लेकिन सत्ता बीजेपी को चाहिये थी तो कांग्रेस के ही 12 कारपोरेटर रातों रात बीजेपी में मिला लिये लेकिन दो दिन में शिंदे ने खेल पलट दिया और एनसीपी के चार कारपोरेटर तोड़ कर फिर से सत्ता हासिल कर ली .. एक और इलाके अकोट में तो बीजेपी ने उस एमआईएम से साथ मिलकर सत्ता हासिल कर ली जिसको वो दिन रात कोसती है.. कुल मिलाकर सबको सत्ता चाहिये बस विचारधारा चाहे जाये भाड़ में .</p>
<p>असल में केंद्र और राज्य में सत्ता पाने के बाद बीजेपी अब स्थानीय निकायों पर कब्जा करना चाहती है क्योंकि असल काम तो वहीं से होते हैं. बीजेपी के एक पूर्व सांसद जिनको बीजेपी ने अब किनारे पर कर दिया है वो कहते हैं कि सांसद औऱ विधायक से ज्यादा माल तो कारपोरेटर बनने पर मिलता है. आंकड़ों में ये बात सामने भी आ रही है. पिछली बार जीते कारपोरटरों ने जब इस बार चुनाव का डिक्लेरेशन दिया तो उनमें से कई की संपत्ति चार सौ से पांच सौ गुना बढ़ गयी . जानकार बताते है कि मुंबई महानगरपालिका का बजट 80 हजार करोड़ रुपये का है जो कुछ राज्यों के बजट से भी ज्यादा है और जब बजट ज्यादा होगा तो माल कमाने का मौका भी उतना ही मिलता है. कुछ पूर्व कारपोरटरों ने बताया कि बीएमसी में सबसे सही लोकतंत्र है जिसके जितने कारपोरेटर होते हैं उस पार्टी को हर काम में उतना प्वाइंट परसेंटेज मिल जाता है .इसके अलावा सभी कारपोरेटर अपने इलाके में होने वाले हर काम और बिल्डर से पैसा लेते हैं .इस तरह सब खुश रहते हैं. यही हाल सभी बड़ी महानगरपालिकाओं का है . ये लक्षमी देवी का ही असर है कि हर कोई महानगरपालिका में जान लगा देता है .</p>
<p>जहां तक बात गठबंधन की करें तो कोई नहीं बचा है. बीजेपी के गठबंधन महायुती मिलकर 29 महानगरपालिकाओं में से केवल 16 में गठबंधन पर है बाकी जगह अलग अलग लड़ रहे हैं. पिंपरी चिंचवड़ और पुणे में तो एनसीपी के चाचा भतीजे मिल गये और बीजेपी उनके खिलाफ लड़ रही हैं. बीजेपी ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तो अजीत पवार ने कहा कि मुझ पर भी 70 हजार करोड़ करप्शन के आरोप लगे और जिन्होनें लगाये उनके साथ अब सत्ता में हूं . ये आरोप खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम देवेंद्र फणनवीस ने लगाये थे . उधर बीजेपी कई जगहों पर अपने सहयोगी और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी को निपटाने में लगी है. सहयोगी रामदास आठवले को तो एक भी सीट नहीं दी गयी लेकिन उनको अप्रैल में राज्यसभा सीट और मंत्री पद बचाना है इसलिए चुप हो गये हैं.</p>
<p>उधर इंडिया गठबंधन भी तार तार हो गया है . मनसे से समझौता नहीं करने का बहाना करके लोकल कांग्रेसियों ने दवाब बनाया तो गठबंधन टूट गया . राज और उददव ठाकरे साथ आ गये और मराठी अस्मिता के सवाल पर साथ लड़ रहे हैं उधर कांग्रेस ने अकेले लड़ने का एलान किया लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पायी बाद में दिल्ली के दवाब में प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी को 62 सीटें दे दीं लेकिन वंचित ने एन वक्त पर 16 सीटों पर लड़ने से इंकार कर दिया तो कांग्रेस भी कुछ नहीं कर पायी और बीजेपी को इसका फायदा मिल रहा है. कांग्रेस ने भी अपनी करीब 157 सीटों पर जमकर खेल किया है और कई जगहों पर कांग्रेसी नेताओं ने अपने ही बेटा बेटी को टिकट देकर मामला सेट कर लिया है. उधर कांग्रेस मुंबई छोड़कर कुछ अन्य जगहों पर शिवसेना उदधव और मनसे के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है.कुल मिलाकर कोई नहीं बचा बस जीतने की उम्मीद और आगे मलाई मिलने की आशा में ताकत लगा रहे हैं .</p>
<p>सबने बीएमसी पर राज किया है इसलिए कोई एक दूसरे के खिलाफ बहुत कोई मुददा भी नहीं बना पा रहा है. शिवसेना के साथ बीजेपी भी लंबे समय तक सत्तता में रही तो कांग्रेस ने भी मलाई काटी है .उधर शहर का हाल ये कि मुंबई किसी अंतरराष्ट्रीय शहर तो छोड़िये पिछ़ड़े इलाकों की तरह गंदा लगता है. ठाकरे बंधु मिलकर जरुर मराठी का मुददा खेलने में कामयाब रहे हैं लेकिन बीजेपी शिवसेना शिंदे के पास अभी एक तुरुप का इक्का बाकी है . वो 15 जनवरी को चुनाव से ठीक एक दिन पहले सभी महिलाओं के खाते में लाड़की बहना योजना का दो महीने का पैसा यानि 3 हजार रुपये डालने वाले हैं. कांग्रेस ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग में चिठठी दी है लेकिन चुनाव आयोग क्या करेगा इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से सिर्फ जवाब मांगा है पैसा रोकने नहीं कहा . वैसे भी बिहार में जब बीच चुनाव में दस हजार रुपये मिलते रहे तो इसको कौन रोकेगा . बीजेपी और शिवसेना शिंदे को उम्मीद है कि एक दिन पहले दिया गया ये पैसा जमकर वोट दिलायेगा.</p>
<p>कुल मिलाकर लोग परेशान है कि विकसित भारत के सपने के बीच भी मुंबई में पानी ,सड़क ,सफाई और ट्रेफिक जाम जैसे मुददे उसे रोज रुलाते है लेकिन नेताओँ और पार्टिओं को बस सत्ता की पड़ी है. वैसे भी मुंबई में लोकल चुनाव में 50 से 55 प्रतिशत तक ही वोट होता है ऊपर से ये सब तमाशा देखकर बहुत से लोग वोट से दूर रहने का ही मन बना रहे हैं. अगर कम वोटिंग हुयी तो चुनाव में जीत का अँतर 200 से 1 हजार वोट तक हो सकता है और तब त्रिकोणीय लड़ाई में कई दिग्गज जीत और हार सकते हैं .वैसे 147 सीटों पर लड़ रही बीजेपी को उम्मीद है कि मुंबई की 227 कारपोरेटर वाली मुंबई बीएमसी पर उसका ही कब्जा होगा और वो एकनाथ शिंदे के साथ मलाई नहीं बांटना चाहती .बीजेपी इस बार राज्य मे य से ज्यादा सत्ता हासिल कर शत प्रतिशत भाजपा का नारा पूरा करना चाहती है. उधऱ एकनाथ शिंदे और अजित पवार खुद को खेल में बनाये रखने के लिए चुनाव लड़ रहे है तो उदधव ठाकरे की शिवसेना , राज ठाकरे की मनसे औऱ कांग्रेस के लिए अस्तित्व बचाये रखने का सवाल है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वेतन और पेंशन के लिए पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन</title>
		<link>https://newsmantra.in/former-soldiers-protest-over-salaries-and-pensions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Dec 2025 11:31:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Political]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=75474</guid>

					<description><![CDATA[नई दिल्ली: दाभोल पावर प्रोजेक्ट और रत्नागिरी गैस एंड पावर से जुड़े 96 पूर्व सैनिकों ने शनिवार को लोधी रोड स्थित मुख्यालय के बाहर अपनी लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। पिछले कई वर्षों से वेतन और पेंशन के बकाये के भुगतान की मांग कर रहे इन पूर्व सैनिकों...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> दाभोल पावर प्रोजेक्ट और रत्नागिरी गैस एंड पावर से जुड़े 96 पूर्व सैनिकों ने शनिवार को लोधी रोड स्थित मुख्यालय के बाहर अपनी लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।</p>
<p>पिछले कई वर्षों से वेतन और पेंशन के बकाये के भुगतान की मांग कर रहे इन पूर्व सैनिकों का कहना है कि लंबे समय से जारी टालमटोल ने उन्हें अब सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है।</p>
<p>यह विरोध प्रदर्शन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हुई ब्रीफिंग के अगले दिन आयोजित किया गया।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दशकों की देरी के कारण अब वे और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह केवल पैसों का नहीं बल्कि 96 परिवारों के सम्मान और भविष्य का सवाल है।अब आगे क्या?</p>
<p>सैनिकों का प्रतिनिधित्व कर रहे वी. एस. सालुंखे और अन्य साथियों ने स्पष्ट किया कि वे इस आश्वासन पर करीबी नजर रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई ठोस और समयबद्ध समाधान नहीं निकला, तो वे अनिश्चितकालीन धरने सहित अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे।</p>
<p>पूर्व सैनिकों ने दोहराया कि उनका संघर्ष लोकतांत्रिक और संवैधानिक है, लेकिन कई साल का लंबा इंतजार अब उनके सब्र की परीक्षा ले रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी में कांग्रेस की विधानसभा में अकेले लड़ने की तैयारी &#8230;</title>
		<link>https://newsmantra.in/up-vidhan-sabha-chunav-2027-congress-akele-ladne-ki-taiyari/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Dec 2025 09:46:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[अजय राय बयान]]></category>
		<category><![CDATA[अविनाश पांडे कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश कांग्रेस तैयारी]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरभारतीय सम्मेलन मुंबई]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस 403 सीटें]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस अकेले चुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[मोदी योगी राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी कांग्रेस संगठन]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी विधानसभा चुनाव 2027]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=75266</guid>

					<description><![CDATA[यूपी प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से खास बातचीत संदीप सोनवलकर मुंबई : यूपी में सालों से बैसाखियों के सहारे चल रही कांग्रेस अब अपनी जड़े मजबूत करने में लगी है और पार्टी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर अकेले लड़ने की...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>यूपी प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से खास बातचीत</strong></p>
<p><strong>संदीप सोनवलकर</strong></p>
<p><strong>मुंबई :</strong> यूपी में सालों से बैसाखियों के सहारे चल रही कांग्रेस अब अपनी जड़े मजबूत करने में लगी है और पार्टी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी कर रही है. हालांकि गठबंधन का अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा..</p>
<p>मुंबई में उत्तरभारतीयों से संवाद के लिए कांग्रेस की उत्तरभारतीय सेल के एक कार्यक्रम में शिरकत करने आये उत्तरप्रदेश के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बातचीत में कहा कि पार्टी सभी 403 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है .पार्टी की तरफ से अब तक 1 लाख 69 हजार बीएलए बनाये गये हैं जो लगभग सभी बूथ पर वोटर वेरिफिकेशन के एसआईआर में लगे हैं और इसके साथ ही करीब दो लाख कार्यकर्ता रजिस्टर्ड हुये हैं जिनको ट्रेनिंग दी चुकी है. इतना ही अगले महीने जनवरी से यूपी में अगले दो महीने तक 17 से ज्यादा सभायें होगी ..</p>
<p>महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि यूपी में मोदी योगी की जोड़ी का मिथक लोकसभा चुनाव में ही टूट गया था जब विपक्ष को चालीस से ज्यादा लोकसभा की सीट मिल गयी थी और अब विधानसभा में बीजेपी को करारा झटका लगेगा . उन्होनें कहा कि कांग्रेस जानती है कि यूपी में जड़े जमाये बिना कांग्रेस की केंद्र में वापसी नहीं हो सकती है. गठबंधन के सवाल पर उन्होने कहा कि इसमें अभी बहुत देर है लेकिन हम सब सीटों पर तैयारी कर रहे हैं.</p>
<p>मुंबई में महानगरपालिका चुनाव के लिए उत्तरभारतीय सम्मेलन पर उन्होनें कहा कि मुंबई में उत्तरभआरतीयों की बीजेपी और बाकी दल अपमान करते हैं जबकि सबसे ज्यादा सम्मान कांग्रेस ही करती है. कांग्रेस के ही दौर में पहली बार कोई उत्तरभारतीय महापौर बना और चार मंत्री बने अब बीजेपी ने एक भी मंत्री इस समाज से नहीं बनाया है. इस बार चुनाव में कांग्रेस उत्तरभारतीय को अपनी तरफ खींचेंगी इसलिए राज ठाकरे और मनसे के कारण ही उदधव ठाकरे की शिवसेना से समझौता नहीं किया गया .</p>
<p>बनारस में पीएम मोदी के सामने चुनाव लड़ने वाले अजय राय ने कहा कि योगी और मोदी की बन नहीं रही . लोकसभा चुनाव में हम बीजेपी को मजा चखा चुके हैं और अब विधानसभा में सरकार बदलेंगे . उन्होनें कहा कि बीजेपी का सच उजागर हो गया है और लोग उनके वादों की असलियत समझ चुके है ..लोग अब पैसा लेकर भी भाजपा को वोट नहीं देगें. यूपी में कफ सिरफ कांड पर उन्होनें कहा कि जितने कोडीन बेचने वाले व्यापारी हैं सबको भाजपा का संरक्षण हैं .</p>
<p>मुंबई में करीब दो करोड़ जनसंख्या में चालीस लाख से ज्यादा उत्तरभारतीय है इसलिए कांग्रेस इस बार उन पर पूरा जोर लगा रही है . उत्तरभारतीय सेल के प्रमुख अवनीश सिंह ने कहा कि यूपी से कई बड़े नेता प्रचार के लिए मुंबई पहुंचेगे और हर उत्तरभारतीय से संपर्क करने का प्रयास किया जायेगा.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिवराज पाटिल चाकुरकर .. नेहरु की तरह कपड़ों के शौकीन थे &#8230;.</title>
		<link>https://newsmantra.in/senior-journalist-sandeep-sonwalkars-article-on-shivraj-patil/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 07:33:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[26/11 मुंबई आतंकी हमला]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस का इतिहास]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल]]></category>
		<category><![CDATA[गृहमंत्रालय भारत]]></category>
		<category><![CDATA[भारत के पूर्व गृहमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय राजनीति विश्लेषण]]></category>
		<category><![CDATA[मनमोहन सिंह सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई हमला 2008]]></category>
		<category><![CDATA[यूपीए सरकार 2004-2008]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीतिक संस्मरण]]></category>
		<category><![CDATA[वरिष्ठ पत्रकार लेख]]></category>
		<category><![CDATA[शिवराज पाटिल]]></category>
		<category><![CDATA[संदीप सोनवलकर]]></category>
		<category><![CDATA[संदीप सोनवलकर का आलेख]]></category>
		<category><![CDATA[सोनिया गांधी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=74921</guid>

					<description><![CDATA[वरिष्ठ पत्रकार संदीप सोनवलकर का आलेख इनको इसलिए चुना कि भारतीय राजनीति के आजादी के बाद के इतिहास में पंडित नेहरु के बाज शिवराज पाटिल चाकूरकर ही ऐसे व्यक्ति दिखायी देते हैं जो केवल आचरण और व्यवहार में ही नहीं कप़ड़ों से लेकर रहन सहन तक हर जगह साफ सफाई...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वरिष्ठ पत्रकार संदीप सोनवलकर का आलेख</strong></p>
<p>इनको इसलिए चुना कि भारतीय राजनीति के आजादी के बाद के इतिहास में पंडित नेहरु के बाज शिवराज पाटिल चाकूरकर ही ऐसे व्यक्ति दिखायी देते हैं जो केवल आचरण और व्यवहार में ही नहीं कप़ड़ों से लेकर रहन सहन तक हर जगह साफ सफाई और संयम का परिचय देते हैं .उनकी भाषा भी बहुत संयत और हमेशा तोल कर बोलते रहे पाटिल साहेब .. पंडित नेहरु के बारे में तो सुना ही है लेकिन शिवराज पाटिल से बहुत सी बातें करने का मौका मिला.</p>
<p>सन 2004-2008 की यूपीए सरकार के दौरान शिवराज पाटिल देश के गृहमंत्री भी रहे। 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद उन्होंने 30 नवंबर, 2008 को देश की सुरक्षा में हुई चूकों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p>इससे जुड़े ही कुछ किस्से बताता हूं. बहुत कम लोगों को पता होगा कि शिवराज पाटिल असल में लिंगायत थे और वो कर्नाटक की लिंगायत एजुकेशन सोसायटी से बहुत करीबी से जुड़े हुये. वो उन बहुत कम लोगों में से थे जब राजीव गांधी के निधन 1991 के बाद से सोनिया गांधी ने खुद को 10 जनपथ में समेट लिया था और सीताराम केसरी सहित कुछ नेता गांधी परिवार को कांग्रेस से दूर ही रखना चाहते थे तब भी वो नियमित तौर पर जाकर सोनिया गांधी से मिलते थे और गांधी परिवार को हर तरह की मदद के लिए तैयार रहते थे . यहां तक कि सोनिगे या गांधी की राजनीती में एंट्री के लिए वो भी बहुत हद तक कारण रहे उन्होंने ही सोनिया गांधी को कहा था कि वो हर कदम पर साथ देंगे.</p>
<p>शिवराज पाटिल हमेशा से संयमित और अनुशासित रहे हैं. वो बताते थे कि खाना भी कम से कम 32 बार चबाकर खाना चाहिये .इसके लिए वो पूरा समय भी देते थे . चाहे वो पद पर रहे हों या नहीं वो हमेशा लोगों से अपाईंटमेंट देकर ही मिला करते थे . वो हमेशा सफेद या क्रीम कलर की ही शर्ट या पेंट पहनते थे .उनको इस बात की शिकायत रहती थी कि लोग उनके कपड़ों से उनका आंकलन करते हैं काम से नहीं .. जबकि लोकसभा स्पीकर से लेकर गृहमंत्री तक कई अहम कामों में उनका योगदान रहा.</p>
<p>एक बार संसद में वो एक आतंकी हमले की घटना पर जबाब दे रहे थे .. उनकी हिंदी मराठी मिश्रित ही थी .. राज्यसभा में वो जबाव दे रहे थे तो कहने लगे कि हम आतंकियों को कड़ी से कड़ी शिक्षा देंगे .इस पर राज्यसभा में हंगामा हो गया .. तब विपक्ष में बैठी बीजेपी के लोग ये कहकर विरोध करने लगे कि आतंकियों को सजा देने के बजाय पाटिल साहेब उनको शिक्षा देना चाहते हैं. बाद में उनको सफाई देनी पड़ी कि मराठी में शिक्षा का मतलब ही सजा होता है. इस बात पर राज्यसभा में ठहाके गूंजने लगे ..</p>
<p>उनके गृहमंत्री बनने की बात भी बड़ी निराली है .. वो जब 2004 का लोकसभा चुनाव उस्मानाबाद से लड़ रहे थे तब भी वो घऱ घर जाकर प्रचार नहीं करते थे उनका मानना था कि लोगों तक बात पहुंचनी चाहिये चुनाव मैनेजमेंट की जरुरत नहीं ..इतना ही नहीं एक जनसभा में तो उन्होंने कह दिया कि अगर किसी को नौकरी पाने या गली अथवा नाली सुधार की बात करनी हो तो मेरे पास मत आना ..सांसद का काम संसद में नीतिगत चर्चा और कानून बनाना होता है ये जमीनी काम तो विधायक और कारपोरेटर करेंगे मैं उनको फंड दे दूंगा. उनकी इसी बात पर तब के एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुरुदास कामत ने मुझे कहा था कि ऐसी बात करेंगें तो पाटिल साहब कहां जीतेंगे ..</p>
<p>ये बात भी बहुत कम लोगों को पता होगी कि पाटिल साहेब को इस बात का इल्म था कि चुनाव जीतने पर अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो उनको ही अगला प्रधानमंत्री बनाया जायेगा .शायद उनको गांधी परिवार से इस बात का संकेत भी मिला हो.. पाटिल साहेब ने चुनाव से पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर तब एनडीटीवी के पत्रकार समीरन वालवेकर की सलाह पर कुछ छोटी फिल्म भी बना रखी थी जिन पर वो अपनी राय दे रहे थे ..वो पीएम बनने की पूरी तैयारी कर रहे थे.लेकिन अपने स्वभाव और साफगोई के कारण चुनाव हार गये .</p>
<p>चुनाव के बाद संसद में जब कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने वाली थी जिसमें सारे अधिकार सोनिया गांधी को दिये जाने थे .तो हार जाने के कारण पाटिल उस बैठक में नहीं जा रहे थे तब गुरुदास कामत उनको जबरदस्ती बुलाकर उस बैठक में ले गये&#8230; पाटिल साहब भी शायद नजरें नहीं मिला रहे थे और पीछे की कतार में जाकर बैठ गये .. सोनिया गांधी को उनके पीछे होने की बात पता चली तो पाटिल साहब को आगे की कतार में ले जाया गया और कुछ दिन बाद नाटकीय तरीके से जब मनमोहन सिंह को पीएम चुना गया तो दस जनपथ के विश्वासपात्र होने के नाते शिवराज पाटिल को गृहमंत्री बना दिया गया . पाटिल साहब का बंगला भी तब जनपथ पर शऱद पवार के बाजू में ही था. गृहमंत्री होने के नाते उनके घर पर वाच टावर लगा हुआ था तो शरद पवार हम पत्रकारों से अक्सर मजाक में कहते लगता है कांग्रेस ने जानबूझकर उनके बाजू में गृहमंत्री को बंगला दिया ताकि वो नजर रख सकें ..गांधी परिवार के करीबी होने के कारण पाटिल साहब की शरद पवार से नहीं बनती थी .</p>
<p>अब बात 26 नवंबर 2008 के हमले की जब मुंबई के ताज होटल और सीएसटी समेत कई जगहों पर पर हमले हुये तो पाटिल साहेब पर बड़ी जिम्मेदारी आ गयी .. हमले की सुबह ही हम लोग कैमरा लेकर उनके घर पहुंच गये .बड़ी मुश्किल से वो मीडिया पर बाईट देने तैयार हुए . उनके घर तब कोई पूजा थी .करीब आठ बजे वो बाईट देने आये तो क्रीम कलर का बंद गले का कोट पहने हुये थे.. उसके बाद वो हड़बड़ी में नहाने चले गये और आननफानन में पूजा करके निकलने लगे ..मीडिया वहां जमा ही हुआ था . लेकिन तब तक उन्होनें केवल सफेद रंग की शर्ट पहनी थी उसी में वो फिर बाईट देने आ गये.. इसके तुरंत बाद उनको संसद में एक बैठक में जाना था ..वो निकल ही रहे थी कि उनकी बहु अर्चना पाटिल ने उनको ब्राऊन रंग का कोट लाकर दे दिया वो उसे गाड़ी में ही पहनकर पहुंच गये वहां भी कैमरे लगे थे इस बार वो एक नये कोट में दिख रहे थे .. आजतक के दफ्तर में इसे बहुत बारीकी से देख रहे क्राइम रिपोर्टर शम्स ताहिर खान से जोर से चिल्लाकर कहा अरे ये तो फिर कपड़े बदल लिये .. बस इसी बात पर पाटिल ने हमले के दौरान भी बार बार कपड़े बदले ये हेडलाईन चलने लगी जिसका खामियाजा पाटिल को 30 नवंबर को इस्तीफा देकर करना पड़ा</p>
<p>इस हमले से जुड़े कुछऔर किस्से आगे आयेंगे लेकिन पाटिल साहेब पर उस दौरान ये भी आरोप लगाया गया कि हमले के 24 घंटे बाद तक भी वो सेना के कमांडो नहीं भेज पाये जिससे आंतकियों को ताज में और भी हमला करने का मौका मिला. बाद में पाटिल साहब से हमारी बात हुयी तो उन्होंने कहा कि वो संसदीय परंपरा में विश्वास रखते हैं जब तक राज्य सरकार की तरफ से अधिकारिक तौर पर सेना या कमांडो भेजने का आग्रह नहीं मिल जाता तो किसी राज्य में सेना नहीं भेज सकते थे . ये राज्य और संघ के अधिकार और शक्तियों का उल्लंघन होता . राज्य सरकार ने दोपहर तक ही आग्रह भेजा उसके बाद ही दिल्ली से विशेष विमान से कमांडो भेजे जा चुके .</p>
<p>पाटिल साहब को इस बात का हमेशा दुख रहा कि उन्हें बिना किसी वजह से दोषी बताया गया .उनका कहना था कि कुछ लोगों ने इस मौके पर भी जमकर राजनीति की ..यहां तक कि जब हमला चल रहा था तब भी गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी ने मुंबई पहुंचकर ताज के पास मीडिया से बात की थी. जबकि हालात खराब थे इसलिए कोई जवाब नहीं दिया गया .कपड़े बदलने और देरी के आरोप के बाद भी पाटिल साहब को इस्तीफा नहीं देना पड़ता लेकिन तब सरकार में शामिल होकर भी मौका देखने वाले शरद पवार ने एक तीर से कई शिकार कर दिये .. उन्होनें तब राज्य के गृहमंत्री आर आर पाटिल को कह दिया कि जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दें .. आर आर आबा ने इस्तीफा दे दिया तो सीएम विलासराव देशमुख को भी इस्तीफा देना पड़ा और इसी दवाब में आखिर शिवराज पाटिल को भी पद छोड़ना पड़ा .</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>IAS officers condemn personal attacks on Chief Election Commissioner</title>
		<link>https://newsmantra.in/ias-officers-condemn-personal-attacks-on-chief-election-commissioner/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 Aug 2025 11:55:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Election Commissioner]]></category>
		<category><![CDATA[Gyanesh Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[IAS officers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=68018</guid>

					<description><![CDATA[NEW DELHI. The Indian Administrative Service (IAS) community has publicly condemned the recent &#8220;unwarranted abuse and personal attacks&#8221; directed at Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar and his family. The backlash follows a wave of criticism from both the public and political figures aimed at the head of the Election...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>NEW DELHI.</strong> The Indian Administrative Service (IAS) community has publicly condemned the recent &#8220;unwarranted abuse and personal attacks&#8221; directed at Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar and his family. The backlash follows a wave of criticism from both the public and political figures aimed at the head of the Election Commission of India (ECI).</p>
<p>The official handle of the IAS Fraternity on X (formerly Twitter) posted a strong statement in support for Kumar. &#8220;We strongly condemn unwarranted abuse and personal attacks against Hon’ble Chief Election Commissioner Shri Gyanesh Kumar and his family.  We urge everyone to maintain respect and decorum, acknowledging his dedicated service and significant contributions towards the nation,&#8221; the post reads.</p>
<p>According to sources close to the bureaucracy, there is a strong sentiment that political disputes should remain in the political arena and not target public servants. &#8220;Political battles must be fought on their own turf, not here,&#8221; a source stated, emphasizing that bureaucrats operate strictly by the rule book. They highlighted that the ECI is a constitutional body, and its actions are governed by its own legal provisions.</p>
<p>While public debate has been intense, the IAS fraternity&#8217;s unified front underscores a clear message: personal attacks on civil servants who are fulfilling their constitutional duties are unaccepted.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मराठी भाषा वाद नहीं रोजगार चाहिये ..</title>
		<link>https://newsmantra.in/we-need-employment-not-marathi-language-issue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 08:34:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[ठाकरे बंधु]]></category>
		<category><![CDATA[मराठी भाषा वाद]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=65224</guid>

					<description><![CDATA[मराठी भाषा को लेकर और हिंदी थोपने को लेकर इन दिनों जमकर विवाद चल रहा है.. एक तरफ ठाकरे बंधु एकजुट हो गये हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी और उनके सहयोगी जमकर बयानबाजी कर रहे हैं कुल मिलाकर पूरा मामला राजनीति और बयानबाजी में उलझा हुआ है.. लेकिन इस पर...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मराठी भाषा को लेकर और हिंदी थोपने को लेकर इन दिनों जमकर विवाद चल रहा है.. एक तरफ ठाकरे बंधु एकजुट हो गये हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी और उनके सहयोगी जमकर बयानबाजी कर रहे हैं कुल मिलाकर पूरा मामला राजनीति और बयानबाजी में उलझा हुआ है.. लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा कि मराठी बोलने वाले और महाराष्ट्र में रहने वाले युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर कैसे खोले जायें बात केवल भाषा तक ही सीमित है इसलिए अब मराठी युवकों के लिए चाकरमानी यानि नौकरी करने वाले वर्ग के तौर पर की जा रही है मालिक या स्वरोजगार के तौर पर नहीं .</p>
<p>एक दिन पहले ही सीए फाइनल का रिजल्ट आया जिसमें टाप करने वाला छात्र मुंबई में राजस्थानी समाज द्वारा विघार्थियों के लिए चलाये जा रहे आरवीजी हास्टल का है..इतना ही इसी हास्टल से बड़ी संख्या में और भी सीए बने हैं इसके साथ ही करीब 77 छात्रों नें सी ए इंटर पास किया है ..ये अकेला हास्टल इस बात का उदाहरण है कि कोई भी समाज यदि सच में चाहे तो कैसे अपने युवाओं का भला कर सकता है .इस हास्टल को चलाने के लिए समाज के लोग पैसा देते हैं और छात्रों को मुफ्त रहने खाने और कोचिंग की फैसेलिटी दी जाती है. यानि इस समाज का सीधा सोचना है कि अगर किसी देश में अपने समाज की छाप छोड़नी है तो उसे व्यापार के लिए तैयार करना होगा . ये सारे सीए आगे जाकर किसी जगह नौकरी करेंगे या अपनी प्रेक्टिस करेंगे ..यही लोग शेयर बाजार से लेकर बैंकिंग और इन्वेंस्टमेंट में दिखाई देते हैं.. मराठी समाज के युवा इनके आफिस में बस एकाउंटेट या आफिस बाय की नौकरी करते हैं. मराठी पर विवाद करने वाले लोग और महाराष्ट्र सरकार ऐसा कोई संस्थान क्यों नहीं बनाती जहां से मराठी युवा पेशेवर बनकर निकलें..</p>
<p>राज्य में कुछ ट्रेनिंग संस्थान बार्टी या अन्य जरुर है और इसी तरह आईएएस प्रिलिम निकालने वालों को कोचिंग सरकार देती है लेकिन इनमे से कितने अफसर बने या इंजीनियर या कुछ और इसका हिसाब शायद ही कभी दिया गया हो ..भाषा विवाद में उलझाने वाले नेता भी यही चाहते है कि युवा रोजगार का सवाल नहीं पूछें उनको तो बस भाषा विवाद में उलझाकर रखा जाये . राज्य में इस समय आर्थिक क्षेत्र में पूरी तरह से गुजराती मारवाड़ी और राजस्थानी समाज का वर्चस्व है ..उनके काबिल होने या काम करने पर कोई आपत्ति हो भी नहीं सकती लेकिन मराठी के ठेकेदार और मराठी भाषिक पालक कभी ये नहीं सोचते कि उनके बेटे भी संपत्ति बनायें केवल बंटवारे की बात न करें..</p>
<p>एक किर्लोस्कर या किसी और के उदाहरण के अलावा राज्य में व्यापार और उघोग तथा आर्थिक क्षेत्र में काम करने वाले मराठी भाषी या मूल मराठी कम ही दिखायी देते हैं. कहते है कोई भी भाषा तभी लोग सीखते हैं यदि उससे व्यापार या आर्थिक व्यव्हार होता है.इन दिनो मुंबई में व्यापार और आर्थिक व्यव्हार की भाषा शेयर बाजार से लेकर कपड़ा मार्केट और बुलियन मार्केट से लेकर रियल इस्टेट तक हर जगह गुजराती और मारवाड़ी ही है इसलिए बहुत से लोग ये सीख लेते हैं.. गुजराती और मारवाड़ी भी मराठी सिर्फ इसलिए सीखते हैं क्योंकि सरकारी दफ्तरों में क्लेरिकल लेवल पर मराठी लोग होते हैं और उनसे काम निकालना हो तो टूटी फूटी ही सही मराठी बोलनी पड़ती है.. इसलिए ये बात जोर देकर कही जा सकती है यदि मराठी का गौरव या सम्मान बनाये रखना है तो उसे काम की यानि रोजगार धंधे की भाषा बनाना होगा ..वो भी केवल किसी पार्टी या सरकार के फरमान से नहीं हो सकता उसके लिए तो रोजगार और धंधे में मराठी भाषियों की जगह बनानी होगी , शुरुआत बेहतरीन कोचिंग संस्थान और हास्टल सुविधाओं से होगी और आर्थिक सहयोग से तभी तो वो धंधे रोजगार में टिक पायेंगे. अभी मराठी युवक शेयर बाजार और आर्थिक संस्थानों के बाहर चाय और वड़ा पाव की दुकान लगाकर ही दिखते है और उनको भी रोजगार करने के लिए कामचलाउ ही सही हिंदी तो बोलनी ही पड़ती है.. हम दक्षिण में देखें तो इसका उलट है वहां बड़े आर्थिक उघोंगों से लेकर फिल्म उघोग तक हर जगह उनकी भाषा वाले लोग ही मिलते हैं इसलिए दक्षिण की भाषा बिना किसी के लादे ही लोग सीखते हैं. मराठी को भी सिखाना और बढ़ाना है तो यही करना होगा.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार की जमीन, नया विजन! नीतीश सरकार और मंत्री संजय सरावगी का क्रांतिकारी कदम</title>
		<link>https://newsmantra.in/bihars-land-new-vision-revolutionary-step-of-nitish-government-and-minister-sanjay-saraogi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Jun 2025 07:24:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Government- press- release]]></category>
		<category><![CDATA[Govt. Mantra]]></category>
		<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[bihar land]]></category>
		<category><![CDATA[cm nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[nitish government]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[sanjay saraogi]]></category>
		<category><![CDATA[नीतीश सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[संजय सरावगी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=64212</guid>

					<description><![CDATA[लेखक: रमाकांत चौधरी “जमीन वह नींव है जिस पर समृद्धि और शांति का भवन खड़ा होता है।” – स्वामी विवेकानंद। इस प्रेरक कथन को साकार करते हुए, बिहार, जहाँ खेती और जमीन अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, अब एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। राज्य की 77% कार्यशक्ति कृषि...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लेखक</strong><strong>: </strong><strong>रमाकांत</strong> <strong>चौधरी</strong></p>
<p>“जमीन वह नींव है जिस पर समृद्धि और शांति का भवन खड़ा होता है।” – स्वामी विवेकानंद। इस प्रेरक कथन को साकार करते हुए, बिहार, जहाँ खेती और जमीन अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, अब एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। राज्य की 77% कार्यशक्ति कृषि पर निर्भर है और यह सकल घरेलू उत्पाद में 24.84% का योगदान देती है। लेकिन पुराने और अव्यवस्थित भूमि रिकॉर्ड्स, लंबित विवाद और भ्रष्टाचार ने विकास की राह में बाधाएँ खड़ी की हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व में और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी के दमदार प्रयासों से बिहार सरकार ने भूमि सुधारों में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। ये कदम न केवल भूमि विवादों को खत्म करने की दिशा में हैं, बल्कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को चरितार्थ करते हुए एक आधुनिक और पारदर्शी भूमि प्रशासन की नींव रख रहे हैं, जो समृद्धि और शांति का आधार बनेगी।</p>
<p>बिहार में भूमि विवाद कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर समस्या बने हुए हैं। 2023 के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार, राज्य में 60% हत्याएँ जमीन से जुड़े विवादों के कारण होती हैं। पुराने रिकॉर्ड्स, कइथी लिपि में लिखे दस्तावेज़, और बिना औपचारिक कागजात के पीढ़ीगत हस्तांतरण ने इस समस्या को और जटिल बनाया है। कई परिवारों के पास अपनी जमीन के वैध दस्तावेज़ नहीं हैं, जिससे विवाद और हिंसा बढ़ती है। इसके अलावा, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और भ्रष्टाचार ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter wp-image-64217 size-full" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi.webp" alt="बिहार की जमीन, नया विजन! नीतीश सरकार और मंत्री संजय सरावगी का क्रांतिकारी कदम" width="1200" height="675" srcset="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi.webp 1200w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-300x169.webp 300w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-1024x576.webp 1024w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-768x432.webp 768w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-960x540.webp 960w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-711x400.webp 711w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-585x329.webp 585w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" />नीतीश सरकार ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए 2019 में विशेष भूमि सर्वे शुरू किया, जो ब्रिटिश काल (1908-1915) के बाद पहला व्यापक सर्वे है। इस सर्वे का लक्ष्य 45,000 गाँवों के भूमि रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज़ करना और विवादों को खत्म करना है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने इस सर्वे को पारदर्शी और जन-हितैषी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित भूमि विवादों का त्वरित और भ्रष्टाचार-मुक्त निपटारा किया जाए। अब तक, विभाग ने 31,60,947 सरकारी खेसरा, यानी 17,86,276 एकड़ जमीन की पहचान की है। जनता की सुविधा के लिए सर्वे की समयसीमा को जुलाई 2026 से बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है।</p>
<p><strong>शासन</strong> <strong>को</strong> <strong>जनता</strong> <strong>के</strong> <strong>करीब</strong> <strong>लाना</strong></p>
<p><img decoding="async" class="alignright wp-image-64216 " src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-1.jpg" alt="बिहार की जमीन, नया विजन! नीतीश सरकार और मंत्री संजय सरावगी का क्रांतिकारी कदम" width="306" height="306" srcset="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-1.jpg 400w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-1-300x300.jpg 300w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2025/06/Bihars-land-new-vision-Revolutionary-step-of-Nitish-government-and-minister-Sanjay-Saraogi-1-150x150.jpg 150w" sizes="(max-width: 306px) 100vw, 306px" />संजय सरावगी के नेतृत्व में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली की शुरुआत की है, जिसे उन्होंने “जवाबदेह शासन की दिशा में एक बड़ा कदम” बताया। पहले, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में, लोगों को तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे और लंबी देरी का सामना करना पड़ता था। अब, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति की रीयल-टाइम निगरानी और त्वरित समाधान की सुविधा ने प्रशासन को जनता के करीब ला दिया है। इस प्रणाली ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p>विभाग ने म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया को भी सुगम बनाया है। सामान्य आवेदनों के लिए 35 दिन और विवादित मामलों के लिए 75 दिन की समयसीमा तय की गई है। म्यूटेशन रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज़ करने और ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने से निगरानी और ऑडिटिंग आसान हो गई है। यह पहल न केवल समय की बचत करती है, बल्कि विवादों को कम करने में भी कारगर साबित हो रही है। संजय सरावगी ने जोर देकर कहा कि यह प्रणाली बिहार के आम लोगों, खासकर गरीब और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए वरदान है।</p>
<p>विशेष भूमि सर्वे के तहत अब तक 17.8 लाख एकड़ सरकारी जमीन की पहचान की गई है, जो पिछले 70 सालों में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुआ है। यह सर्वे न केवल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को रोकने में मदद करेगा, बल्कि भूमि के सही उपयोग को भी सुनिश्चित करेगा। अब ज़मींदारों को सभी ऐतिहासिक दस्तावेज़ जमा करने की जरूरत नहीं है। स्व-प्रमाणित वंशावली चार्ट या डाउनलोड करने योग्य सरकारी रिकॉर्ड्स के आधार पर घोषणा पत्र ही पर्याप्त है। यह सुधार विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और उन लोगों के लिए लाभकारी है, जिनके पास औपचारिक कागजात नहीं हैं।</p>
<p><strong>जागरूकता</strong> <strong>की</strong> <strong>नई</strong> <strong>पहल</strong></p>
<p>हाल ही में “बिहार की भूमि विधियां” पुस्तक का विमोचन हुआ, जो भूमि से संबंधित नियमों और संशोधित अधिनियमों की जानकारी देती है। यह पुस्तक आम लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संजय सरावगी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक भूमि सुधारों को और प्रभावी बनाने में मदद करेगी। यह पुस्तक ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को भूमि कानूनों की समझ बढ़ाने में सहायक होगी, जिससे विवादों में कमी आएगी।</p>
<p>बिहार सरकार ने भूमि सुधारों के साथ-साथ प्राकृतिक और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है। 2023-24 में, राज्य ने 2.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएँ शुरू कीं। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टिकाऊ खेती और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड्स का संयोजन बिहार को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बना सकता है।</p>
<p>बिहार में भूमि सुधार न केवल आर्थिक विकास को गति देंगे, बल्कि सामाजिक समानता और कानून-व्यवस्था को भी मजबूत करेंगे। नीतीश कुमार और संजय सरावगी की जोड़ी ने इस दिशा में कई साहसिक कदम उठाए हैं। डिजिटल प्रणालियों, समयबद्ध समाधान और पारदर्शी प्रशासन के जरिए बिहार एक नया इतिहास रच रहा है। लेकिन चुनौतियाँ अभी भी बाकी हैं। पुराने रिकॉर्ड्स की जटिलता, कुछ जिलों में धीमी प्रगति और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए और मेहनत की जरूरत है।</p>
<p>अगर यह सर्वे और सुधार सफल होते हैं, तो बिहार न केवल अपने भूमि विवादों को खत्म करेगा, बल्कि कृषि और आर्थिक विकास में भी नई ऊँचाइयों को छूएगा। यह नीतीश सरकार का एक ऐसा प्रयास है जो बिहार को सही मायनों में “सुशासन” की राह पर ले जा रहा है। यह सुधार न केवल बिहार के किसानों और आम लोगों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकते हैं। बिहार का यह नया विजन, स्वामी विवेकानंद के कथन को साकार करते हुए, समृद्धि और शांति की नींव को और मजबूत करेगा।</p>
<p><strong>लेखक के बारे में:</strong></p>
<p><strong><em><img decoding="async" class="wp-image-47608 alignleft" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM-243x300.jpeg" alt="Ramakant Chaudhary" width="129" height="159" srcset="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM-243x300.jpeg 243w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM-830x1024.jpeg 830w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM-768x947.jpeg 768w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM-960x1184.jpeg 960w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM-324x400.jpeg 324w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM-585x721.jpeg 585w, https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/10/WhatsApp-Image-2024-10-08-at-6.49.26-PM.jpeg 1064w" sizes="(max-width: 129px) 100vw, 129px" />रमाकांत चौधरी एक वरिष्ठ पत्रकार और पीआरपी ग्रुप में कम्युनिकेशन्स स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने फाइनेंशियल एक्सप्रेस</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>मिंट (हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप)</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>द टाइम्स ऑफ इंडिया</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>जगरण पोस्ट (दैनिक जागरण ग्रुप)</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>द पायनियर और द पॉलिटिकल एंड बिजनेस डेली जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों में संपादकीय भूमिकाएं निभाई हैं। वह राजनीति</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>सरकारी नीति</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>अर्थव्यवस्था</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>वैश्विक मामलों</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>इंफ्रा</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>सोलर एनर्जी</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>सस्टेनेबिलिटी</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>शिक्षा</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>सामाजिक मुद्दों</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>जीवनशैली और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर स्टोरी बिहाइंड स्टोरी लिखते हैं।</em></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>युवराज का नया खिलौना अब जिला कांग्रेस बनेंगी ..</title>
		<link>https://newsmantra.in/now-district-congress-will-become-yuvrajs-new-toy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Apr 2025 09:27:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[district congress]]></category>
		<category><![CDATA[RAHUL GANDHI]]></category>
		<category><![CDATA[जिला कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[राहुल गांधी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=60720</guid>

					<description><![CDATA[संदीप सोनवलकर वरिष्ठ पत्रकार एक युवराज था वो हर बार नया खिलौना मांगता था .. दरबारी भी उसे नया खिलौना देते थे ताकि वो हमेशा बिजी रहे और इधर उधर ना देख सके ..युवराज खेलता रहा और राज लुटता रहा.. कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के लिए यही सही लगता...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>संदीप सोनवलकर वरिष्ठ पत्रकार</strong></p>
<p>एक युवराज था वो हर बार नया खिलौना मांगता था .. दरबारी भी उसे नया खिलौना देते थे ताकि वो हमेशा बिजी रहे और इधर उधर ना देख सके ..युवराज खेलता रहा और राज लुटता रहा.. कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के लिए यही सही लगता है. अब राहुल गांधी ने गुजरात को प्रयोगशाला मानकर एक नया झुनझुना पार्टी के लिए बनाया है जिला कांग्रेस को सीधे ताकत देना..</p>
<p>ये युवराज का नया खिलौना है..इसके पहले भी वो कांग्रेस के साथ कई प्रयोग कर चुके हैं. राहुल गांधी वैसे तो 2004 से अधिकारिक तौर पर महासचिव बने और फिर कांग्रेस अध्यक्ष तक बने . कई हार के बाद हटे लेकिन अब भी पार्टी अपनी मर्जी से ही चलाना चाहते हैं. इसलिए नाम के लिए मल्लिकार्जुन खरगे भले ही पार्टी अध्यक्ष बने हुए है वो भी गैर गांधी परिवार से लेकिन असल में कांग्रेस तो राहुल गांधी ही चला रहे हैं.</p>
<p>राहुल के खास लोगों की एक टीम है जिसको उनके पीए अलंकार सवाई चलाते है वो कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ,सचिन राव . सेंथिल और कृष्णा अलावेरु जैसे लोगों के साथ मिलकर हर बार राहुल गांधी को नया कार्यक्रम दे देते हैं और राहुल गांधी भी उसमें इतना बिजी हो जाते है कि फिर कई दिन तक दिल्ली में एआईसीसी में बरसों से जमे हुए नेताओं के कारनामों पर ध्यान देना भूल जाते हैं .. ये लोग भी जानते है कि युवराज को हर बार एक नया खिलौना देते रहे ताकि वो उसमें ही खुश रहें .</p>
<p>इस बार राहुल को नया खिलौना जिला कांग्रेस को मजबूत करने का दे दिया है. इससे राहुल गांधी और उनकी पूरी टीम गुजरात में काम पर लग गयी है. उस गुजरात में जहां कांग्रेस की संख्या एक चुनाव में 70 प्लस से घटकर 17 और पांच विधायकों के छोडने के बाद 12 पर आ गयी है. राहुल गांधी का कहना है कि वो अब एक नयी शुरुआत करना चाहते है जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष को ताकत देंगे और टिकट बंटवारे मे शीर्ष समिती में भी जिला कांग्रेस प्रमुख को बुलाया जायेगा..राहुल ये भी कह रहे है कि इस तरह वो आरएसएस और बीजेपी को हरा देंगे. राहुल की बात सुनने में अच्छी लगती है लेकिन कहते है न कि जब पूरे ही कुएं में भांग पड़ी हो तो बदलाव कहां से हो..राहुल ये बात समझ ही नहीं पा रहे कि 8 सालों से जमे पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल से लेकर अजय माकन तक सब बस हां जी करने वाले लोग है और उनकी पूरी कोशिश है कि राहुल गांधी कहीं और बिजी रहे तो इधऱ ध्यान नहीं दे..<br />
राहुल पहली बार प्रयोग नहीं कर रहे हैं. करीब बीस साल से कांग्रेस को चला रहे राहुल गांधी ने आते ही सबसे पहले एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस में सीधे चुनाव का फंडा दिया था उसके बाद से ही इन दोनों संगठनों का भट्टा बैठ गया और अब तो इनकी कोई सुनता तक नहीं है.. उसके बाद राहुल गांधी ने महिला कांग्रेस में कई प्रयोग किये और महिलाओं को 33 प्रतिशत तक भागीदारी देने की बात की लेकिन वो भी नहीं हो पाया और अब महिला कांग्रेस को अलका लांबा चला रही है जो एक बार आम आदमी पार्टी की सैर करके आ चुकी है.</p>
<p>राहुल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति में बहुत से फेरबदल किये और कई जगहों पर अपने पसंदीदा लोगों को बिठाया लेकिन उनमें से कई तो पार्टी छोड़ गये और कई ने पार्टी को हार से भी नीचे पहुंचा दिया . गुजरात का ही उदाहरण लें तो राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर जैसे नेताओं को बढाकर गुजरात के पूरे संगठन को बरबाद कर दिया .. जब सब बड़े नेता घऱ बैठ गये तो हार्दिक और अल्पेश भी कांग्रेस छोड़ गये .. राहुल ने अपने साथ के कई युवा नेताओं को सरकार और पार्टी में बढ़ाया लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा और जितिन प्रसाद जैसे करीबी भी साथ छोड़ गये.. असल में राहुल गांधी ये समझ ही नहीं पा रहे कांग्रेस कैसे चलती है और जब उनको कोई भा जाता है तो वो उस पर इतना प्यार बरसाते है कि बाकी सब दुश्मन हो जाते हैं.. यहां तक कि एक बार तो राहुल ने पीके यानि प्रशांत किशोर पर भी इतना भरोसा कर दिया था कि पूरी पार्टी ही उनको देने वाले थे वो तो भला हो तो डीके शिवकुमार और अशोक गहलोत जैसे नेताओं को जिन्होनें सोनिया गांधी के जरिये इसे रुकवा दिया . वरना तो पीके कब पार्टी बेच देते पता ही नहीं चलता .अब वही पीके दिन रात राहुल गांधी को कोसते रहते हैं.</p>
<p>अब जिला कांग्रेस प्रमुखों को ताकत देने की उनकी बात वैसे तो बहुत बेहतर लगती है ..होना भी यही चाहिये कि पार्टी में ग्रास रुट के लोगों की बात सुनी जाये लेकिन मुश्किल ये है कि यहां भी राहुल की टीम ही जिला कांग्रेस प्रमुखों को बतायेगी कि काम कैसे करना है.. राहुल इसके पहले भी पार्टी में एक साथ 34 सचिव लाकर महासचिवो की ताकत करने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन ये सचिव भी किसी बाबू की तरह बस शीट भरकर भेज देते थे उनकी कोई सुनता नहीं था..</p>
<p>असल में राहुल को पहले तो ये समझना होगा कि अगर उनको कांग्रेस चलानी है तो खुद अध्यक्ष बनना होगा और हर परिणाम के लिए जिम्मेदार होना होगा . दूसरा जब बीमारी एक नहीं कई हो तो इलाज एक का करके काम नहीं होगा पूरे शऱीर को एक साथ ठीक करना होगा.. अब जिला प्रमुखों को ताकत देकर राहुल प्रदेश कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं .सब जानते है कि कांग्रेस में जिला प्रमुख कैसे बनते हैं और उनमें से कितने चुनकर आ सकते हैं.. राहुल इस कदम से पार्टी में टकराव का एक नया मोर्चा खोल रहे हैं. ऐसे बीजेपी से नहीं निपटा जा सकता ..राहुल को प्रयोग बंद करके पार्टी में बड़े बदलाव करने होंगे और सबको साथ लेकर चलने पर जोर देना होगा .. राहुल की टीम जो सिर्फ यस सर कहती है उसके नये नये प्रयोगों से पार्टी का फायदा कम नुकसान ही ज्यादा होगा.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8220;Bihar CM Nitish Kumar Launches First Phase of &#8216;Pragati Yatra&#8217;, Inaugurates and Lays Foundation for 400 Projects Worth Rs 752.17 Crore in West Champaran&#8221;</title>
		<link>https://newsmantra.in/bihar-cm-nitish-kumar-launches-first-phase-of-pragati-yatra-inaugurates-and-lays-foundation-for-400-projects-worth-rs-752-17-crore-in-west-champaran/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Newsmantra]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Dec 2024 10:44:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News Mantra: Exclusive]]></category>
		<category><![CDATA[Political]]></category>
		<category><![CDATA[#NitishKumar]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[BiharCM]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsmantra.in/?p=53220</guid>

					<description><![CDATA[Curated by: Rajeev Bhatt Visual Courtesy: PRD Bihar On December 23, 2024, Bihar Chief Minister Nitish Kumar launched the first phase of the &#8216;Pragati Yatra&#8217; in West Champaran. He laid the foundation stone for 300 schemes worth Rs 545.24 crore and inaugurated 59 schemes worth Rs 34.72 crore. In total,...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Curated by: Rajeev Bhatt</strong><br />
Visual Courtesy: PRD Bihar<br />
<div id="penci-post-gallery-container6104" data-id="penci-post-gallery-container6104" class="penci-popup-gallery penci-post-gallery-container justified column-3 justified-gallery"data-height="150"data-margin="3"><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/03-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.42.02-1920x1430.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/03-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.42.02-585x436.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/05-Nitish-Kumar2024-12-23-at-19.41.48-1920x1159.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/05-Nitish-Kumar2024-12-23-at-19.41.48-585x353.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/06-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.49-1920x1384.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/06-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.49-585x422.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/WhatsApp-Image-2024-12-23-at-19.41.34-1920x1268.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/WhatsApp-Image-2024-12-23-at-19.41.34-585x386.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/WhatsApp-Image-2024-12-23-at-19.41.31-1920x1172.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/WhatsApp-Image-2024-12-23-at-19.41.31-585x357.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/09-Nitish-Kumar-Emergency-Response-2024-12-23-at-19.41.42-scaled.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/09-Nitish-Kumar-Emergency-Response-2024-12-23-at-19.41.42-585x932.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/13-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.42.53-1920x1247.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/13-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.42.53-585x380.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/10-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.33-1920x1301.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/10-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.33-585x397.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/12-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.36-1920x1267.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/12-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.36-585x386.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/10-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.39-1920x1358.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/10-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.39-585x414.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/09-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.45-1920x1263.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/09-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.41.45-585x385.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/04-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.42.01-1-1920x1035.jpeg" title="" data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/04-Nitish-Kumar-2024-12-23-at-19.42.01-1-585x315.jpeg" alt=""></a><a class="item-gallery-justified" href="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/WhatsApp-Image-2024-12-23-at-19.42.05-1920x1273.jpeg" title="On December 23, 2024, Bihar Chief Minister Nitish Kumar launched the first phase of the &#039;Pragati Yatra&#039; in West Champaran. " data-rel="penci-gallery-image-content"><img decoding="async" src="https://newsmantra.in/wp-content/uploads/2024/12/WhatsApp-Image-2024-12-23-at-19.42.05-585x388.jpeg" alt="On December 23, 2024, Bihar Chief Minister Nitish Kumar launched the first phase of the &#039;Pragati Yatra&#039; in West Champaran. "></a></div>
<p>On December 23, 2024, Bihar Chief Minister Nitish Kumar launched the first phase of the &#8216;Pragati Yatra&#8217; in West Champaran. He laid the foundation stone for 300 schemes worth Rs 545.24 crore and inaugurated 59 schemes worth Rs 34.72 crore. In total, he inaugurated and laid the foundation for 400 projects worth Rs 752.17 crore in the district.</p>
<p>The Chief Minister visited the MNREGA park in Shikarpur village, where he inspected a pond and distributed fish to village organizations for livelihood. He also inaugurated a library and Utsav Bhavan. Library is located just south of the Utsav Bhavan. This library has a seating arrangement for 30 people at a time along with a collection of about 1000 different types of informative books. This library is constructed by the Panchayati Raj Department in the financial year 2024-25.</p>
<p>Kumar unveiled the District Emergency Response Facility-cum-Training Centre, which will improve disaster preparedness.This building has arrangements for the SDRF team&#8217;s stay, training and to deal with disaster-like situations. Due to the construction of the building, there will be 24-hour preparedness to deal with disasters. Disaster Management Department, Patna will conduct excellent response related activities during disasters. </p>
<p>He laid the foundation for several infrastructure projects, including the Masan River embankment, a minority residential school, and a high-level bridge. He also distributed appointment letters, land leases, and bus keys under various welfare schemes.</p>
<p>In Bettiah, Kumar visited the Maharaja Stadium at Ramna Maidan, where local sports enthusiasts requested a high-quality stadium. The proposed new stadium would provide better facilities for athletes and help host state, national, and international events, boosting the district&#8217;s sports profile</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
